सिद्धार्थनगर। मोहन थाना क्षेत्र के शिवपतिनगर मोहाना चौक निवासी सगीर (14) की मौत सिर पर प्रहार के कारण हुई थी। इसके अलावा शरीर पर चोट और खरोंच के कई निशान मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, रिपोर्ट पर गौर करें तो मौत से पहले मृतक से लड़ाई हुई और उसी में सिर पर डंडे से वार करने से उसकी जान चली गई। वहीं, शव रखकर सड़क जाम कर देने के मामले में पुलिस ने आवागमन प्रभावित करने के मामले में 10 नामजद और 20 अज्ञात पर सुसंगत धारा में प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
मोहाना थाना क्षेत्र के शिवपतिनगर मोहाना चौक निवासी कलीमुल्लाह के 14 वर्षीय पुत्र सगीर दो मई की रात को घर से ऑर्केस्ट्रा देखने की बात कहकर निकला और घर नहीं लौटा। दूसरे दिन घर से कुछ दूरी पर उसकी लाश मिली थी। परिवार ने तहरीर देकर हत्या का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग की। इस मामले में पुलिस ने चार लोगों पर हत्या का प्राथमिकी दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया। इनमें युवक और तीन नाबालिग शामिल थे।
पोस्टमार्टम होने के बाद सोमवार को लाश मिली तो परिवार के लोगों ने पुलिस पर कार्रवाई में लापरवाही का आरोप लगाया और अन्य लोगों के शामिल होने के बात करते हुए उनपर कार्रवाई की मांग को लेकर मोहाना चौक पर शव रखकर सड़क जाम कर दी। तकरीबन एक घंटे तक प्रदर्शन चला और पुलिस ने समझा-बुझाकर लोगों को रास्ते से हटवाया।
प्रदर्शन से ककरहवा मार्ग, लोटन और बर्डपुर से मुख्यालय आने वाले तीनों मार्ग पर जाम लग गया। लाश उठने तक लोगों को परेशान होना पड़ा। सड़क जाम करने और आवागमन प्रभावित करने के मामले में 10 नामजद और 20 अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज करके पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस संबंध में एसओ मोहाना जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सड़क जाम करने के मामले में 10 नामजद और 20 अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
मौत से पहले लड़ाई : 14 वर्षीय सगीर की मौत से पहले उसे विवाद हुआ था। विवाद की जड़ क्या थी, यह बात सामने नहीं आई। केवल कहासुनी के बाद मारपीट और मौत हो जाना सामने आया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गौर करें तो सगीर की मौत से पहले उससे मारपीट हुई थी। बाहर से कोई गंभीर या जाहिर चोट नहीं दिखी है। खरोंच के निशान मिले हैं, लेकिन उसे पूरे शरीर में चोट लगी है।
मौत की वजह सिर पर लगी चोट को बताया जा रहा है, जो डंडे से प्रहार करने के कारण हुई थी। अन्य चोट को देखें तो यह कहना गलत नहीं होगा कि किसी बात से विवाद शुरू हुआ और फिर मारपीट होने लगी।