जिले में ओडिशा की तर्ज पर होगी धान की खेती
- किसानों के दल ने ओडिशा में सीखा खेती करने का तरीका
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। ओडिशा की तर्ज पर जनपद में किसान धान की खेती करेंगे। ओडिशा से प्रशिक्षित किसानों का दल जिले के किसानों को खेती का तरकीब बताएंगे। उन्हें जैविक खेती करने के लिए जागरूक करेंगे। कम लागत में अच्छी आमदनी का गुर बताएंगे। किसानों को दल बीज तैयार करने सहित अन्य जानकारी देगा।
ओडीओपी के तहत जनपद का काला नमक धान चयनित हुआ है। काला नमक धान का रकबा बढ़ाने के साथ ही खेती कैसे की जाए इस पर तेजी से कार्य हो रहा है। कम लागत में किसान बेहतर आय प्राप्त कर सकें। इसके लिए खेती को और सरल व कम लागत करने के लिए कार्य किया जाएगा। एक जनपद एक उत्पाद के तहत धान की खेती को जैविक की ओर ले जाने के लिए 25 प्रतिगतिशील किसानों का एक दल ओडिशा के राष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र प्रशिक्षण के लिए गया था। कृषि विभाग के जिम्मेदारों के मुताबिक किसानों को धान की खेती, उसके बीज के सोधन, किस प्रकार से बीज की प्रजाति बदली जाती है और चावल का महक कैसे बना रहे आदि का प्रशिक्षण दी गई। यहां की खेती पूर्ण रूप से जैविक पर आधारित है। अब वह किसानों का दल टुकड़े में बंटकर अलग-अलग स्थानों पर जाकर किसानों का चौपाल लगाएगा। वहां पर जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जानकारी देंगे। साथ ही खुद की खेती जैविक की ओर बढ़ाएंगे। इससे जहां धान की खुशबू बढ़ेगी, वहीं लागत भी कम होगा। इससे किसानों की आय दोगुनी होने को गति मिलेगी। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि 25 किसानों का दल ओडिशा से प्रशिक्षित होकर आया है। वह जिले के किसानों को खेती के लिए प्रशिक्षित करेंगे।