किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन भानू गुट की जिला इकाई बुधवार को कृषि भवन में बेमियादी धरना पर बैठ गई। अधिकारियों की अनदेखी करने पर आक्रोश फूट पड़ा और नौगढ़-बस्ती मार्ग को जाम कर दिया। एक घंटे तक जाम के बाद प्रशासन की तंद्रा टूटी और मौके पर पहुंच ज्ञापन लिया। कार्यकर्ताओं ने चेताया कि अगर डीएम या सीडीओ जब तक मौके पर नहीं आते हैं, धरना जारी रहेगा।
जिलाध्यक्ष यार मोहम्मद चौधरी ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि सूखे की मार से किसान भूख से मरने की कगार पर हैं, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों को यह नहीं दिख रहा। सिंचाई संसाधन बेहाल हैं।
इसको ठीक नहीं कराया जा रहा है। सूखे की स्थिति को देखते हुए किसानों के ऋण को माफ किया जाए। पिछले वर्ष रबी फसल में आपदा की मार को देखते हुए प्रशासन सभी किसान को समान रूप से क्षतिपूर्ति की राशि को आवंटित करे। डीएसओ की मिलीभगत से सरकारी खाद्यान्न पात्रों तक नहीं पहुंच रहा, सीधा कालाबाजारी के लिए खुले बाजार में चला जा रहा है, जांच कराने के बाद कार्रवाई कराई जाए।
कृषि विभाग में तैनात एक कर्मचारी द्वारा किसानों के लिए आए किट को बेचने का प्रकरण सामने आया है, लेकिन विभागीय उसे बचाने की चेष्टा में जुट गए है। धरना का समय समाप्त होने का समय नजदीक आने के बाद भी ज्ञापन लेने कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो कार्यकर्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा। राज्य मार्ग को जाम कर दिया। देखते-देखते दोनों तरफ गाडिय़ों का रेला लग गया।
प्रशासन को खबर लगते ही सीओ सदर मोहम्मद अकमल खान व नायब तहसीलदार न्यायिक लालता प्रसाद गुप्ता को मौके पर भेजा। दोनों अधिकारियों ने 17 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन लेने के बाद भी कार्यकर्ताओं का आक्रोश शांत नहीं हो सका और उन्होंने बेमियादी अनशन पर बैठने की घोषणा कर दिया। धरने में रूद्र नारायण चौबे, जवीउल्लाह, अनिल कुमार राव, रमेश पाल, राम प्रकाश श्रीवास्तव, नंदराम यादव, पंकज वर्मा, डा. रहमान, रहमत अली, मोहम्मद खलील आदि मौजूद रहे।