बढ़नी भारत नेपाल सीमा पर हो रही तस्करी।
सिद्धार्थनगर। धान की फसल कटने के बाद रबी की बुआई के लिए किसान उर्वरक के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं, लेकिन तस्करों को उर्वरक की कोई कमी नहीं है।
तस्कर भारतीय क्षेत्रों की दुकानों से यूरिया बढ़नी कोटिया व खुनुवां के सीमाई क्षेत्रों के रास्ते से बाइक से नेपाल में धड़ल्ले से पहुंचा रहे है, जिसपर सुरक्षा एजेंसियों की नजर नही जा रही है।
सीमा पर हर सामान की तस्करी के साथ ही खाद की तस्करी सीजन के हिसाब से शुरू हो जाती है। प्रशासन खाद की तस्करी रोकने के लिए प्रयासरत है।
इसमें पुलिस, एसएसबी और तहसील प्रशासन कृषि अधिकारी उर्वरक खाद सहित अन्य सामने पकड़ी जाती है, लेकिन उर्वरक सहित अन्य सामानों की तस्करी रुकने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को इसकी पड़ताल में बढ़नी क्षेत्र के कई रास्तों से तस्कर बाइक पर खाद लाद कर बार्डर पार कर नेपाल जाते दिखे।
सूत्रों के मुताबिक, लाइसेंस धारक दुकानदार सीमाई क्षेत्रों में गोदाम बनाकर खाद का स्टॉक रख लेते हैं और समय मिलते ही तस्कर को 450 से 500 रुपये में बेच देते हैं। नेपाल में यही खाद 1200 से 1400 भारतीय मुद्रा में तस्कर बेचते हैं।