-भारत को बिजली निर्यात करने की योजना पर हो रहा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। नेपाल में घरेलू बिजली की खपत में कमी के कारण जलविद्युत परियोजनाओं से उत्पादित लगभग 500 मेगावाट बिजली बर्बाद हो रही है। नेपाल विद्युत प्राधिकरण के अनुसार, दशमी त्यौहार के दौरान अधिक बिजली की खपत करने वाले उद्योगों और कारखानों के बंद होने के कारण बिजली की मांग कम हो गई है।
नेपाल विद्युत प्राधिकरण, उसकी सहायक कंपनियों और निजी क्षेत्र की जलविद्युत परियोजनाओं द्वारा प्रतिदिन लगभग 2,200 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। उसमें से लगभग 1,000 मेगावाट की खपत देश में हो रही है, जबकि लगभग 650 से 700 मेगावाट बिजली भारत को निर्यात की जा रही है।
नेपाल विद्युत प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक कुलमान घीसिंग ने बताया कि खपत में आई कमी के चलते हर दिन लगभग 500 मेगावाट बिजली बर्बाद हो रही है। दशहरा के कारण घरेलू मांग कम हो गई है। इस स्थिति को देखते हुए निर्यात मंजूरी के लिए सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी ऑफ इंडिया को पत्र भेजा गया है।अभी तक मंजूरी नहीं मिलने के कारण करीब 500 मेगावाट बिजली की बर्बादी हो रही है।
उन्होंने बताया कि नेपाल विद्युत प्राधिकरण को प्रतिस्पर्धी बाजार में 522 मेगावाट और एनवीवीएन को 110 मेगावाट के साथ 632 मेगावाट के निर्यात की मंजूरी मिल गई है। इसमें से 562 मेगावाट बिजली ढालकेबार-मुजफ्फरपुर 400 केवी अंतरराष्ट्रीय ट्रांसमिशन लाइन से और 70 मेगावाट महेंद्रनगर-टनकपुर 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन से निर्यात की जा रही है। प्राधिकरण ने पिछले मई से अक्तूबर तक भारत को 11 अरब 80 करोड़ 28 लाख रुपये की बिजली निर्यात किया है।