सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ स्थित शिवपति पीजी काॅलेज में विजन डाक्यूमेंट 2047, समर्थ उप्र, विकसित उप्र 2047 से संबंधित जनपदीय संगोष्ठी एवं छात्रों, शिक्षक एवं शिक्षाविद के साथ संवाद कार्यक्रम हुआ। मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त आईपीएस व पूर्व डीजीपी यशपाल सिंह ने कहा कि यह एक अभियान है कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाना है।
भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था। हमें लूटने के लिए अंग्रेज और मुगल आये। 1947 में हमे आजादी मिली। शासन हमारे हाथों में आया। आर्थिक रूप से हमे पुरानी व्यवस्था को प्राप्त करना है। सरकार स्वयं सुविधाओं के साथ समाज में आ रहा है। समाज का कर्तव्य है राष्ट्रहित में इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें। सरकार द्वारा क्यू आर कोड जारी किया गया उसे स्कैन करके आप अपना सुझाव दे। सुझाव अच्छा होने पर पुरस्कार दिया जायेगा तथा सम्मानित भी किया जायेगा। इसमें प्रत्येक परिवार का सुझाव लिया जा रहा है। यदि हम आर्थिक रूप से मजबूत होगे तो विश्व की सबसे बड़ी शक्ति होंगे। छात्रों से कहा कि आप लोग तय करे कि क्या करना है। ईमानदारी से मेहनज करे तो सफलता अवश्य मिलेगी। आप पढ़ कर अपना कॅरियर बन सकते है। हमें अपने देश को पुनः सोने की चिड़िया बनाना है। इसमें सभी नागरिक अपनी क्षमता अनुसार भाग ले। सरकार सभी का सहयोग चाहती है। इस दौरान सेवानिवृत्त प्राचार्य शैलेन्द्र प्रताप सिंह व वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष कृषि विज्ञान केन्द्र सोहना डाॅ. ओमप्रकाश वर्मा, सदस्य (न्यायिक) राजस्व परिषद, नोडल अधिकारी एसबीएस रंगाराव, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह, पीडी नागेन्द्र मोहन राम त्रिपाठी, डीडीओ सतीश सिंह, राम विलास, डाॅ. हेमन्त राज, डाॅ. दीपेंद्र बहादुर सिंह, प्राचार्य डाॅ. अरविन्द सिंह मौजूद रहे।