एक हफ्ते में 120 केस, अस्पतालों में उल्टी-दस्त के मरीज बढ़े
बाहर नहीं, रात का रखा खाना और कटा फल बन रहे बीमारी की वजह
गर्मी में तेजी से पनप रहे बैक्टीरिया, खाना दिखने में ठीक लेकिन खतरनाक
सिद्धार्थनगर। अगर फ्रीज में खाना रख दे रहे हैं और दूसरे टाइम में यह समझकर खा रहे हैं कि वह खराब नहीं हुआ तो सावधान हो जाएं। बार- बार बिजली गुल होने से फ्रिज का तापमान ऊपर-नीचे हो रहा है, जिससे भोजन का और खराब की स्थिति में पहुंच जा रहा है। ऐसे में अगर उस भोजन का सेवन करते हैं तो फूड प्वाइजनिंग या फिर अन्य समस्या के शिकार हो सकते हैं। तापमान में वृद्धि के साथ ही मेडिकल कॉलेज और सीएचसी-पीएचसी पर ऐसे मामलों और रोगियों की की संख्या बढ़ी है। उल्टी-दस्त और बीमारी के पीछे डॉक्टरों ने जब हिस्ट्री ली तो इसमें फ्रिज में रखा या बासी खाना खाने की बात सामने आई है। ऐसे में चिकित्सक ताजा खाने और विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
अप्रैल में जून जैसी गर्मी पड़ रही है। जनपद के हालात यह हैं कि पारा 42 डिग्री तक पहुंच गया है। अगर कहा जाए तो आसमान से आग बरस रही है। इसका सीधा असर किसी न किसी तरह लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। जरा सी चूक लोगों को बीमार बना दे रही है। कहीं लोग लू का शिकार हो जा रहे हैं तो कहीं बुखार और अन्य बीमारियां गिरफ्त में ले ले रहीं हैं। पिछले एक सप्ताह से हालात और बिगड़ गए हैं। सेहत के लिहाज से यह मौसम लोगों के लिए बहुत ही प्रतिकूल दिख रहा है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में चक्कर, उल्टी दस्त के रोगियों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। खास करके इसमें बच्चे और बुजुर्गों की संख्या अधिक है।
इमरजेंसी की बात करें तो 24 घंटे में तकरीबन 10-15 मरीज ऐसे पहुंचे रहे हैं, जिन्हें कई समस्याओं ने साथ में जकड़ लिया है। स्वास्थ्य कर्मियों के मुताबिक जो हिस्ट्री सामने आ रही है या तो कड़ी धूप में थे या फिर खानपान में संतुलन बिगड़ गया है। एक मरीज को कम से कम पांच घंटे और अधिकतम एक या दो दिन का भी वक्त लग जा रहा है। वहीं, मेडिसिन विभाग की ओपीडी में रोजाना 10 से 12 ऐसी मरीज सामने आ रहे हैं, जिनकी हिस्ट्री लेने पर बासी खाना या सब्जी का सेवन किए जाने की बात सामने आ रही है।
डॉक्टर गौरव दुबे ने बताया कि बताया कि गर्मी में अकसर फ्रिज में खाना रखकर उसे सुरक्षित मान लिया जाता है, लेकिन बार- बार बिजली कटने के कारण इसमें रखे खाद्य पदार्थ के तापमान में उतार-चढ़ाव होता रहता है, ऐसे में इसमें बैक्टिरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, उसे खाने के बाद लोगों की सेहत खराब हो जाती है। उल्टी-दस्त और फूड प्वाइजनिंग की समस्या अधिक होती है। इसलिए गर्मियों में फ्रिज में रखा खाना खाने से बचने की जरूरत है।
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खाना खाने के बाद बिगड़ी थी सेहत, चली गई थी दो बच्चों की जान
सिद्धार्थनगर। मोहाना थाना क्षेत्र के बगही में 10 अप्रैल को सुबह का भोजन शाम को बच्चाें ने खा लिया था। इसके बाद मां और तीन बच्चों की तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाया गया, जहां दो बच्चों की जान चली गई जबकि, मां और एक बच्ची बच गई। पोस्टमार्टम न होने के कारण कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया, लेकिन गर्मी अधिक होने के कारण लोगों ने फूड प्वाइजनिंग होने की आशंका जाहिर की गई थी। सुबह वही भोजन करने के बाद कुछ नहीं हुआ, लेकिन फिर शाम में उसे खाने से मां और तीन बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी।
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कैसे करें बचाव
ताजा और गर्म खाना ही खाएं, बासी भोजन से बचें
कटे फल और खुले में रखा खाना तुरंत खा लें या फेंक दें
बिजली कटौती के बाद फ्रिज का खाना जांचे बिना न खाएं
खाना ढककर रखें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें
पानी उबालकर या फिल्टर करके ही पिएं
बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी में रखें
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क्या हैं खतरे के संकेत
बार-बार उल्टी या दस्त होना
पेट में तेज दर्द या मरोड़
कमजोरी और चक्कर आना
बुखार या शरीर में अकड़न
डिहाइड्रेशन के लक्षण (मुंह सूखना, पेशाब कम होना)
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बोले विशेषज्ञ
गर्मी में खाने में काफी सावधानी बरतने की जरूरत है। इसके साथ ही बाहर खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ से बिल्कुल बचना चाहिए। इसके साथ ही बासी भोजन कतई नहीं करना चाहिए। कई बार लोग फ्रिज में खाना रख देते हैं और मानते हैं की शुद्ध होगा, लेकिन वह भी तापमान कम और अधिक होने के कारण खराब हो जाता है। जो फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है। इसलिए भूख से कम भोजन करें, जो खाएं ताजा खाएं, तरल पदार्थ का सेवन कम से कम करें। इससे इन समस्याओं से बचा जा सकता है। यह हर उम्र के लिए जरूरी है।
- डॉ. सीबी चौधरी, फिजिशियन, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज