उसका सीएचसी में मिलीं शराब की खाली बोतलें।
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सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने सोमवार को जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जहां जिला अस्पताल का निरीक्षण किया वहीं, उसका सीएचसी का भी मंत्री ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें परिसर में बड़ी संख्या में शराब-बीयर की खाली बोतलें फेंकी मिलीं। उन्होंने डीएम-एसपी और सीएमओ को कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला अस्पताल में अचानक मरीजों की बढ़ी संख्या पर हैरान स्वास्थ्य मंत्री ने 24 घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती और डिस्चार्ज हुए मरीजों का विवरण तलब किया।
सुबह करीब 11 बजे जिले की सीमा पर कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। यहां से सीधे जिला अस्पताल जाने के बजाय वह उसका सीएचसी पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान मरीजों से दवा-उपचार के बारे में पूछताछ की तो डॉक्टर के न आने, बाहर की दवा लिखे जाने की शिकायतें मिलीं। इस पर मंत्री ने सीएमओ डॉ. राजेंद्र कपूर को हिदायत दी कि बाहर से दवा लिखना बंद करें। बहुत जरूरी हो तो लोकल परचेज कराएं। जेई-एईएस वार्ड साफ-सुथरा था, लेकिन मरीजों का कोई विवरण ही नहीं था। मरीजों की शिकायत पर अस्पताल के पिछले हिस्से में निजी स्टाफ को भेजा तो वहां शराब-बीयर की खाली बोतलों का ढेर लगा हुआ था।
नाराज मंत्री ने अफसरों को औचक निरीक्षण कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को निर्देशित किया। मंत्री ने जिला अस्पताल में पहुंचकर उन्होंने ओपीडी से लेकर एक-एक वार्ड की व्यवस्थाएं दिखीं। आईसीयू व न्यू बर्न युनिट में 15-20 मिनट तक रुककर इंसेफेलाइटिस से बचाव की व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि जेई-एईएस के इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। जनरल वार्ड, प्रसूता वार्ड, इमरजेंसी वार्ड का जायजा लेते हुए अस्पताल गेट पर खड़ी एंबुलेंस में चढ़ गए। इसकी व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने सुधार की हिदायत दी। निरीक्षण के दौरान आबकारी मंत्री जयप्रताप सिंह, डीएम कुणाल सिल्कू, एसपी सत्येंद्र कुमार, सीएमओ डॉ.राजेंद्र कपूर, सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय आदि अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।