संग्रह अमीन कर्मचारियों ने दिया धरना
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अपर मुख्य सचिव राजस्व विभाग को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा
अमर उजाला ब्यूरो
शोहरतगढ़। विभिन्न मांगों को लेकर राजस्व सामयिक संग्रह अमीन कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले संगठन के तहसील अध्यक्ष गोपेश्वर पांडेय की अगुवाई में अमीनों ने तहसील परिसर में धरना दिया। समस्याओं का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
तहसील अध्यक्ष गोपेश्वर पांडेय ने कहा कि जिलों में संग्रह अमीनों के 3096 पद रिक्त पड़े हैं। जबकि 2200 सामयिक संग्रह अमीन विनियमितीकरण के लिए अवशेष पड़े हैं। जबकि संग्रह अनुसेवकों के 3369 रिक्त पद हैं। जिसमें 3296 सामयिक संग्रह अनुसेवक विनियमितीकरण में है। अमीनों व अनुसेवकों का विनियमितीकरण वरिष्ठता सूची के आधार पर कराने पर सरकार पर कोई अतिरिक्त भार भी नहीं पड़ेगा। संघ की मांग है कि अतिशीघ्र सरकार सामयिक अमीनों व अनुसेवकों का एकमुश्त विनियमितीकरण समय सीमा निर्धारित कर करा दिया जाएं। संग्रह अमीन सेवा नियमावली 2015 व संग्रह अनुसेवक सेवा नियमावली 2016 में बारगी शब्द हटाकर जिलें में बनी वरिष्ठता सूची के अंतिम व्यक्ति के विनियमितीकरण तक अमीन पद 85 प्रतिशत व संग्रह अनुसेवक पद 100 प्रतिशत व्यवस्था लागू रखने के लिए नियमावली में संबोधन किया जाए। संग्रह अमीनों व अनुसेवकों का विनियमितीकरण स्वीकृति पदों के सापेक्ष कराया जाए। जनपद स्तर पर आज तक इसका अनुपालन नहीं किया गया। अपर मुख्य सचिव राजस्व विभाग उत्तर प्रदेश को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन तहसीलदार अरविंद कुमार को देकर अविलंब समस्या समाधान कराने की मांग की। इस दौरान योगेंद्र कुमार पांडेय, शिवात्मा प्रसाद, किशोर कुमार और राजेश चंद्र रावत आदि मौजूद थे।
संग्रह अमीनों ने विनियमतीकरण की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
डुमरियागंज। जिले के सभी राजस्व सामयिक संग्रह अमीन/अनुसेवक के विनियमतीकरण को लेकर शुक्रवार को एक दिवसीय धरना तहसील परिसर में दिया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। प्रदर्शन के दौरान तहसील अध्यक्ष प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि संग्रह अमीन कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर विनियमतीकरण मांग को लेकर यह धरना दिया गया। इस दौरान हनुमान प्रसाद, त्रिभुवन प्रसाद, बुद्धिराम, रामलाल, रमेश चंद्र पांडेय, हरिलाल, जाकिर हुसैन, राजेश उपाध्याय और रमेशचन्द्र आदि मौजूद थे।