बाल श्रमिकों का हो पुनर्वास, स्कूलों से जोड़े जाएं बच्चे : डीएम
सिद्धार्थनगर। जिले को बाल श्रम उन्मूलन और बाल श्रम मुक्त बनाने के उद्देश्य से सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने की।
बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सर्वेक्षण के दौरान चिह्नित किए जा रहे बाल श्रमिकों का तत्काल पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ऐसे बच्चों की सूची शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराई जाए ताकि उनका विद्यालयों में नामांकन कराकर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए और कहा कि जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने के अभियान में प्रत्येक विभाग की सक्रिय भूमिका आवश्यक है। साथ ही मानव संसाधन और महिला विकास संस्थान को इस अभियान में सहयोग देने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों के हित में संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्रोबेशन विभाग के माध्यम से बाल श्रमिकों एवं उनके परिवारों तक पहुंचाया जाए। शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि कोई भी बच्चा विद्यालय से बाहर न रहे। उन्होंने बाल श्रम उन्मूलन के लिए नियमित अभियान चलाने और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
बैठक के दौरान स्वयंसेवी संस्था मानव संसाधन और महिला विकास संस्थान की ओर से तैयार जागरूकता सामग्री, पोस्टर, स्टिकर एवं सरकारी योजनाओं से संबंधित बुकलेट का जिलाधिकारी ने विमोचन भी किया।
इस अवसर पर सहायक श्रमायुक्त ओम प्रकाश, श्रम प्रवर्तन अधिकारी उज्ज्वल कुमार त्रिपाठी, उपजिलाधिकारी नौगढ़ राहुल सिंह, विवेकानंद मिश्रा, बीएसए शैलेश कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।