संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। विद्युत उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। बार-बार होने वाली बिजली कटाैती और लो- वोल्टेज की समस्या से जल्द ही निजात मिल जाएगी। साथ ही पोल और तार टूटने से होने वाली बाधा दूर हो जाएगी। क्योंकि, 15 करोड़ रुपये से अधिक से तीन उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि की जाएगी। साथ ही ट्रांसफाॅर्मर लगाए जाएंगे और जर्जर तार और खंभे बदले जाएंगे।
इसमें कुछ काम शुरू हो गया है और कुछ पर शुरू होने वाला है। ऐसे में कुछ माह में ही बिजली को लेकर होने वाली परेशानी से निजात मिल जाएगी। इसमें शहर से लेकर गांव तक व्यवस्था में बदलाव की योजना शामिल है। माना जा रहा है कि दो माह बाद व्यवस्था सुधर जाएगी और लोगों को सहूलियत मिलेगी।
बिजली लोगों के लिए जीवन का हिस्सा बन चुका है। शहर से देहात तक हर घर बिजली योजना के तहत शायद ही कोई घर बचा हो, जहां बिजली का कनेक्शन न हो। उपभोक्ताओं की संख्या में कई गुना बढ़त के बाद इलेक्ट्राॅनिक सामान का उपयोग, जैसे कूलर, एसी सहित बिजली से चलने वाले उपकरण कमोबेश शहर की तरह गांव में हो गए हैं। साथ ही कनेक्शन भी बढ़े हैं, लेकिन फीडर, ट्रांसफाॅर्मर और बिजली के तार पुराने हैं। ऐसे में ओवरलोड होने पर तार टूटने, लो वोल्टेज और ट्रांसफाॅर्मर जलने के मामले बढ़ गए हैं। खास करके गर्मी में समस्या और बढ़ जाती है, कारण बिजली उपयोग बढ़ जाता है।
विद्युत निगम ने समस्या निजात के लिए तीन उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि की जाएगी। साथ ही ट्रांसफाॅर्मर लगाए जाएंगे और जर्जर तार और पोल बदलने की प्रक्रिया की है। इसमें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से दो लाख से अधिक की आबादी को लाभ मिलेगा। इसमें तीन फीडर की क्षमता वृद्धि से कम से कम 300 से अधिक गांव के लोगों को सीधे लाभ मिलेगा। बार- बार होने वाली कटौती और लो- वोल्टेज से निजात मिल जाएगी। बिजली निगम के अनुसार कार्य शुरू हो गया है, जल्द ही पूरा करने का लक्ष्य है, जिससे उपभोक्ताओं का लाभ मिल सके।
इससे बिजली व्यवस्था में होगा सुधार : निगम के अनुसार 3. 32 करोड़ से जिले के 237 ट्रांसफाॅर्मर की क्षमता वृद्धि की जाएगी। 1.13 करोड़ से 34 अतिरिक्त ट्रांसफाॅर्मर लगवाए जाएंगे। तीन करोड़ से 33 केवी की दो अतिरिक्त लाइन का निर्माण करवाया जाएगा। चार करोड़ से तीन उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि की जाएगी। 1.13 करोड़ से 11 केवी की सात लाइन का निर्माण करवाया जाएगा। इसी प्रकार से ग्रामीण व शहर क्षेत्र के इन केंद्रों के अंतर्गत आने वाले जर्जर तार व पोल भी बदले जाएंगे।