ठंड के मौसम में बिजली व्यवस्था धराशायी हो गई है। पारा नीचे खिसकने के साथ ही आपूर्ति भी लड़खड़ा गई है। अघोषित कट बढ़ने से जनजीवन बेहाल है। लोगों का कहना है कि जब सर्दी में बिजली का यह हाल है तो गर्मी में क्या होगा।
एक सप्ताह से तापमान लगातार नीचे खिसक रहा है।
शीतलहर से लोगों में कंपकंपी होने लगी है। ऊनी कपड़ों के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिल रही। इस मौसम में आमतौर पर घरों में बिजली की खपत कम हो जाती है। ऐसे में लोगों को अच्छी आपूर्ति की उम्मीद रहती है। मगर यहां हालात ठीक उलटा है। लगातार आपूर्ति का शेड्यूल घटता जा रहा है।
जिला मुख्यालय पर बिजली का हाल है कि सुबह 8 से 9 बजे तक कटौती के बाद फिर 11 से 4 बजे तक बिजली गुल हो जाती है। शाम 4 बजे आपूर्ति शुरू होने के बाद भी कटौती लगातार जारी है। दिन में बिजली पर आधारित सारे काम ठप हो जा रहे हैं। बिजली विभाग के अधिकारी सिर्फ मेंटनेंस का हवाला देते हुए चुप्पी साधे रह रहे हैं।
नतीजा आम उपभोक्ता परेशान हैं। इस संबंध में बिजली विभाग के एक्सईएन राममूरत का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शेड्यूल के अनुसार आपूर्ति की जा रही है। लोकल फाल्ट के कारण कई बार कट लगाने पड़ते हैं। जल्द ही इसे भी दूर कर दिया जाएगा।