लोकसभा चुनाव में जिले में 25 मई को होना है मतदान
बीएसए ग्राउंड से आज रवाना होंगी पोलिंग पार्टियां
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। लोकसभा चुनाव में जिले में 25 मई को मतदान होना है, जिसके तहत बृहस्पतिवार शाम को चुनाव प्रचार थम गया। प्रत्याशी एवं उनके समर्थक अब घर-घर संपर्क करेंगे। बीएसए ग्राउंड से ही शुक्रवार को पांचों विधानसभा क्षेत्र में मतदान कराने के लिए पोलिंग पार्टियां रवाना होगी। इसके लिए बीएसए ग्राउंड में पोलिंग पार्टी रवानगी के लिए काउंटर लगाए जा चुके है। साथ ही वाहनों के खड़ा करने एवं कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था की गई है।
जिले के एकमात्र डुमरियागंज लोकसभा सीट पर 25 मई को सुबह सात बजे से सायं छह बजे तक मतदान होना है। जनपद में 1604 मतदान केंद्र हैं, जिनमें 2178 मतदान बूथ स्थापित हैं। जिले में मतदाताओं की संख्या 19,61,845 है, जिसमें पुरुष मतदाता 10,45,086 है, महिला मतदाता 9,16,618 है, 141 थर्ड जेंडर हैं एवं एएसडी मतदाता 15,551 है। जिन मतदाताओं के लिए घर से वोट डालने की व्यवस्था है, उनमें 143 के सापेक्ष 138 मतदाताओं को उनके घर पर मतदान कराया जा चुका है। जनपद में 42 माडल बूथ, पांच महिला प्रबंधित बूथ, पांच दिव्यांग प्रबंधित बूथ एवं पांच युवा बूथ स्थापित हैं। चुनाव सकुशल संपन्न कराने के लिए 9596 मतदान कार्मिकों की तैनाती की गई है। कुल 30 जोनल मजिस्ट्रेट तथा 209 सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ एक-एक चिकित्सीय टीम तैनात की गयी है, जिनके पास सभी प्रकार के एमरजेंसी मेडिकल किट उपलब्ध हैं। प्रत्येक बूथ पर एक आशा कार्यकर्ती को भी तैनात किया गया है जिनके पास भी एमरजेंसी मेडिकल किट उपलब्ध है।
हीट वेव से बचाव के लिए भी प्रत्येक बूथ पर मेडिकल किट का प्रबंध किया गया है। जनपद में कुल 69 क्रिटिकल केंद्र हैं, जिनमें 94 बूथ हैं तथा 32 वलनरेबुल बूथ हैं। 1102 बूथों पर वेब कास्टिंग की व्यवस्था है। 78 केंद्रों पर माइक्रो आब्जर्वर लगाए गए है। 100 बूथों पर वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गयी है, जिनमें समस्त 64 शैडो बूथ शामिल है। जनपद में समुचित मात्रा में सीएपीएफ की तैनाती है तथा पीएसी की तैनाती की गयी है। एफएसटी व एसएसटी के कुल 45-45 टीमें गठित की गयी है तथा वीएसटी की 15, वीवीटी की एक टीमें भी सक्रिय हैं। मतदान व्यय के आकलन हेतु प्रत्येक विधानसभा में एक-एक सहायक व्यय प्रेक्षक तैनात किये गये हैं।
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नवीन मंडी होगा मतगणना केंद्र
मतदान के बाद ईवीएम व वीवी पैट के सुरक्षित भंडारण के लिए जनपद में अवस्थित नवीन मंडी स्थल में स्ट्रांग रूम बनाया गया है। जहां पर 2 टीयर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रथम टीयर (आंतरिक परिधि) में सीएपीएफ की तैनाती की जाएगी। प्रवेश एवं निकास के लिए लाग बुक रखा जाएगा, जिसमें आगंतुकों का विवरण भरा जाएगा तथा वीडियोग्राफी भी की जाएगी। मंडी स्थल पर स्ट्रांग रूम की निगरानी के लिए प्रत्याशी अथवा उनके अभिकर्ता को नियत स्थान पर उपस्थित रहने की अनुमति दी जाएगी।
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कंट्रोल रूम स्थापित
जनपद में कंट्रोल रूम विकास भवन में स्थापित किया गया है, जिसका टोल फ्री नंबर 1950 है। अन्य संपर्क सूत्र 05544-220006, 297205, 297206, 297207 व 297208 है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक तहसीलों में भी कंट्रोल रूम बनाए गए है। जिसमें वेबकास्टिंग के लिए चार एलईडी मानीटर लगाए गए है। जिला मुख्यालय पर वेबकास्टिंग के लिए आठ एलईडी मानीटर लगेंगे।
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मतदान के पहले होगी निगरानी
भारत निर्वाचन आयोग की ओर से मतदान के पहले मतदाताओं को सभी प्रकार के प्रलोभन से मुक्त करने के लिए फील्ड स्तर पर जिला निर्वाचन मशीनरी, पुलिस प्रशासन, प्रवर्तन एजेंसी टीम की तरह काम करेगी। जो मतदाताओं को प्रलोभित करने वाली समस्त गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखेगी। जिला सीमा पुलिस चौकियों, राज्य उत्पाद शुल्क चेक पोस्टों पर गहन जांच से नारकोटिक्स, मुफ्त उपहार, कीमती धातु, नकदी, शराब आदि के परिवहन पर नजर रखी जा रही है। किसी अपराध के होने के संदेह के मामले में, फ्लाइंग स्क्वैड के प्रभारी पुलिस अधिकारी नकदी या रिश्वत की वस्तुओं या अन्य ऐसी वस्तुओं को जब्त करेंगे । कोई भी व्यक्ति यदि 50,000 रुपये से अधिक नकदी ले जा रहा है तो उसे सभी सहायक दस्तावेज भी अपने साथ रखने चाहिए। मतदाताओं को रिश्वत देना या डराने-धमकाने के मामले न केवल चुनावी अपराध हैं, बल्कि भारतीय दंड संहिता के तहत दंडनीय भी हैं।
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सीमा पर रहेगी निगरानी
जनपद में दो राज्य उत्पाद शुल्क चेक पोस्ट-बढ़नी व अलीगढ़वा में अस्थाई रूप से स्थापित किए गए हैं, जहां सीसीटीवी लगाई गई है। प्रत्येक पर एक आबकारी निरीक्षक, एक हेड कांस्टेबल तथा दो कांस्टेबल तैनात किये गये है। अंतरजनपदीय सीमाओं पर 17 चेक-पोस्ट तथा नेपाल सीमा पर 10 चेक-पोस्ट स्थापित किये गये हैं। मतदान से तीन दिन पहले से लेकर मतगणना तक लॉरियों, हल्के वाहनों और अन्य सभी वाहनों की कड़ी निगरानी और गहन जांच की जाएगी। सीमा पार से अवांछित तत्वों की घुसपैठ की संभावनाओं को खत्म करने के लिए मतदान दिवस से तीन दिवस पहले से अंतरराष्ट्रीय सीमा को सील किया जायेगा। असामाजिक और विघटनकारी तत्वों की घुसपैठ को रोकने के लिए अंतर-जिला सीमाओं को सील किया जायेगा।
मतदान के लिए यह होगा पहचान पत्र
मतदाता का नाम मतदाता सूची में होने पर यदि कोई मतदाता सूचना पर्ची नहीं लाता है, तो उसे मतदान से वंचित नहीं किया जायेगा। मतदाता सूचना पर्ची मतदाता के पहचान वैध दस्तावेज की श्रेणी में नहीं आता है। जो मतदाता वोटर आईडी कार्ड प्रस्तुत करने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें अपनी पहचान स्थापित करने के लिए 12 वैकल्पिक फोटोयुक्त पहचान दस्तावेजों में से कोई एक दिखाना होगा। जैसे आधार कार्ड, मनरेगा जाब कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटो सहित पेंशन दस्तावेज, केंद्र, राज्य सरकार, पीएसयू, सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियों के फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, बैंक, डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, सांसदों, विधायकों, एमएलसी को जारी किए गए आधिकारिक पहचान पत्र शामिल होंगे।