कोतवाली क्षेत्र के कबरा, करही गांव में गेहूं का डंठल जलाते समय लगी आग से नचनी गांव के आठ घर आ गए।
यह आग तेजी से भड़कते हुए दस किलोमीटर तक दूर तक फैल गई। शाम पांच बजे के बाद पछुआ हवा की रफ्तार कम होने पर आग पर काबू पाया गया। नचनी गांव में महातम चौधरी, वीरेंद्र तिवारी, भागीरथी, हरिराम चौधरी, रामकुमार, राम बूझारत, राधेश्याम, सुदामा के आधा कच्चा-पक्के मकान जल गए।
इन मकानों में रखा कपड़ा, बिस्तर रखा घरेलू उपयोग का सारा सामान जल गया। अगलगी में दुर्गा चौधरी, गरजूं, रघुपति, चंद्रिका का मंडीला जल गया। फायर ब्रिगेड के प्रयास से गांव के अंदर की आग तो बुझ गई, लेकिन दूभरा, दढ़वार भट्ट, पढ़रुपुर, बनके गांव होते हुए खेसरहा ब्लाक के दुबाई, कासडीह तक पहुंच गई। अधिकांश गेहूं के खेत कट जाने से फसल का ज्याद नुकसान नहीं हुआ। तहसील क्षेत्र के सेखुई, रिठिया, उसका, उसकी, सोनवलिया, रोहुवा, तेलौरा आग लग गई।
इस घटना में लगभग पचास बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। ग्रमीणों ने काफी जद्दोजहद के बाद आग पर काबू पाया। इस आग को काबू में करने में ग्रामीणों को दो घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।