संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। छोटे शहरों में पहले फिटनेस का चलन सीमित था, लेकिन अब यह सोच बदलती नजर आ रही है। सुबह-सुबह शहर के जिम में युवाओं, कॉलेज छात्रों और यहां तक कि गृहिणियों की भीड़ देखकर यही साफ नजर आता है कि फिटनेस अब सिर्फ बड़े शहरों का ट्रेंड नहीं रहा। यहां भी छोटे-बड़े एक दर्जन जिम संचालित हो रहे हैं।
सिद्धार्थनगर में जिम कल्चर बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। युवा पीढ़ी अब बॉडी इमेज और पर्सनालिटी के प्रति सजग है। साथ ही, सरकारी नौकरियों और पुलिस/आर्मी जैसी प्रतियोगी नौकरियों की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों में भी फिटनेस को अहमियत मिलने लगी है। डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. बीआर मौर्य बताते हैं, मोटापा, डायबिटीज और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं ने लोगों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ा दी है। लोग केवल शौक के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी जिम आ रहे हैं।
लोकल जिम संचालक की राय : जिम संचालक तौकीर का कहना है कि पिछले सालों में हमारे मेंबरशिप में लगभग दोगुना बढ़ोतरी हुई है। अधिकतर सदस्य 18 से 35 साल की उम्र के हैं, लेकिन हाल में 40 से ज्यादा उम्र के लोग भी स्वास्थ्य के लिए जिम आ रहे हैं। यह भी बताया कि लोग अब केवल एक्सरसाइज तक ही सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट्स पर भी ध्यान दे रहे हैं।