संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अगर शहर में आ रहे हैं, तो सतर्क होकर आएं। एंट्री करते समय मास्क लगाना न भूलें। अगर गलती करते हैं और नियमित आवागमन करते हैं तो सांस के रोगी होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
क्योंकि शहर के बीच खजुरिया मार्ग पर नाला निर्माण और सड़क पर मिट्टी और बालू गुबार बनकर उड़ रहा है। इसमें आवागमन बाधित होने के साथ- साथ धूल से दम घुट रहा है। दूसरी ओर ढाई किलोमीटर लंबे बाईपास पर निर्माण कार्य होने से पूरे दिन धूल की परत उड़ती रहती है, जिस पर गुजरने में सांस फूल जा रही है। ऐसे में राहगीर तो परेशान हो ही रहे हैं, दोनों मार्ग के निवासी और दुकानदारों का धूल के गुबार से सांस लेना कठिन हो गया है।
दोनों मार्ग पर पड़ताल की गई तो हालात और लोगों का दर्द सामने आया। वहीं, प्रदूषण के स्तर की बात करें तो एक्यूआई 97 दर्ज किया गया। जो बीमार लोगों के लिए घातक है। साथ ही आकड़ा 100 के पार पहुंचा तो सेहत के लिए बहुत ही घातक हो जाएगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय है कि वृद्ध और बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इन्हें अनिवार्य रूप से मास्क लगाना चाहिए। क्योंकि धूल के कण इनके फेफड़े को जल्द प्रभावित कर सकते हैं। धूल से नियमित गुजर रहे हैं तो मास्क जरूर लगाएं।
पड़ताल में दिखा यह हाल, बोले लोग : नगर में आने के लिए दो प्रमुख मार्ग हैं। पहला अशोक मार्ग, जो साड़ी से होकर हाईडिल के रास्ते से शहर और गोरखपुर मार्ग को जोड़ता है। दूसरा खजुरिया मार्ग है। मौजूदा समय में एनएच से अशोक मार्ग पर फोरलेन का निर्माण चल रहा है, जबकि शहर की लाइफलाइन खजुरिया मार्ग लंबे अंतराल पर साल भर में शुरू हो पाया, इसमें केवल सड़क ही बनी है। सड़क को चालू करने के बाद उत्तर की तरफ से नाले का निर्माण शुरू किया गया है।
मोहल्ले के रमजान अली ने कहा कि एक साल से जबसे सड़क का निर्माण शुरू हुआ है, जीना मुहाल हो गया। सड़क तो बन गई, लेकिन इस बीच नाली का निर्माण शुरू किया गया।
इससे निकलने वाली मिट्टी सड़क पर गिरने से धूल का रूप ले रही है, जो हमेशा छाई रहती है। घर से निकलते समय गमछे से मुंह ढकना पड़ता है। बुजुर्गों, खास कर बीमार लोग रात में निकलते हैं। क्
सोहराब ने कहा कि एक साल से हम लोग परेशान हैं। सांस लेना मुश्किल हो गया है। राहगीरों को तो एक बार गुजरना है। मोहल्ले के लोगों को खास करके सड़क के पास वालों का रोज दम घुट रहा है।