संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अब बुखार होने पर सतर्क हो जाएं और नियमित दवा लें, तभी बीमारी से मुक्ती मिल सकेगी। कारण बुखार का स्वरूप बदल गया है। पांच दिन के बजाय बुखार की मियाद 10 दिन हो गया है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से लेकर सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बड़ी संख्या में बुचार और जुकाम से ग्रसित मरीज पहुंच रहे हैं। डाॅक्टर जांच और दवा देने के साथ ही धूप से बचने और नियमित आठ से 10 दिन दवा लेने की सलाह दे रहे हैं।
मौसम की मार से हर कोई परेशान होता है। जब भी मौसम का बदलाव होता है तो कई प्रकार की बीमारियों लोगों को घेरती हैं। मई में नौ तपा तो अब लू लोगों पर आग बनकर बरस रही है। जिससे घर के अंदर बाहर कहीं भी कोई चैन से नहीं रह पा रहा है।
पिछले कई दिनों से तेज बुखार और शरीर में दर्द व गले में जकड़न के रोगियों की संख्या में तेजी से बृद्धि हो रही है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की ओपीडी और इमरजेंसी में बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। जिन्हें दवा देने के साथ ही डॉक्टर जांच भी करवा रहे हैं। इसमें कई मरीजों को पांच दिन की डोज देने के बाद भी बुखार से राहत नहीं मिल पा रही है। उन्हें 10 दिन तक दवा लेनी पड़ रही है। इसी प्रकार जिले के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बुखार के रोगी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। इसमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है। बिस्कोहर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कई मरीज बुखार पीड़ित पहुंचे थे।
वहीं, शोहरतगढ़, मिठवल, सिरसिया में भी कमोबेश इसी प्रकार के मरीज पहुंच रहे हैं। जिन्हें दवा दी जा रही है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर सीबी चौधरी ने बताया कि अब में अगर देरी कर रहे हैं तो टाइफाइड हो जा रही है। इसलिए मरीजोंं की जांच कराने के साथ दवा दी जा रही है। साथ ही बहुत जरूरी हो तभी घर निकलेंं। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को बाहर न निकलें दें। बुखार होने पर तत्काल नजदीक के अस्पताल में दिखाना जरूरी है।ए