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Siddharthnagar News: नशे की दवा का धंधा...पत्ते के दाम में गोली

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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। मेडिकल स्टोर से नशीली दवाओं की बिक्री से वाकिफ होंगे, लेकिन गुमटी या माेबाइल और अन्य दुकानों से नशीली दवाओं के धंधे की सच्चाई से अनजान होंगे, लेकिन यह सच है। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में नशीली दवाओं का धंधा तेजी से बढ़ रहा है। अवैध रूप से दवाएं बेची जा रही हैं, जो बाॅर्डर पार जा रही है। बॉर्डर पार पहुंचने के बाद पत्ते के मूल्य वाली दवाएं टेबलेट में हो जाती हैं। ठोठरी में एसएसबी और मोहाना पुलिस की संयुक्त टीम ने एक मोबाइल की दुकान में छापा मारकर 1140 गोली नशीली दवा बरामद की। जिसने इस बात को पुख्ता कर दिया कि बाॅर्डर पर नशे का कारोबार किस प्रकार फैला है। यही कारण है कि पांच साल में सीमावर्ती क्षेत्र में दोगुना से अधिक दवा की दुकानें खुल गई हैं।
एक छोटे से चौराहे पर जहां लोगों का आना-जाना बहुत कम है, वहां भी दुकानें खोल दी गई हैं। सीमा पर नशीली दवाओं की तस्करी हो रही है। बाॅर्डर से जुड़े लोगों से इस बारे में जो जानकारी मिली है वह चौंकाने वाली है। जब पता कि किया गया कि बिना आबादी के दुकान कैसे चलती है। जानकारी मिली कि नेपाल से लोग शाम को आते हैं, और दवा लेकर जाते हैं।
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कुछ दुकानदार तो बैठाकर नशीली दवा खिलाते हैं। पानी की व्यवस्था रखते हैं। इशारा करते ही दवा और पानी निकालकर दे दी जाती है। यह इसलिए कि नेपाल में यह दवाएं प्रतिबंधित हैं, और पकड़े जाने पर 10 साल से अधिक की कैद है।
इसलिए नेपाली युवक सीमावर्ती दुकानों की ओर रुख करते हैं। ड्रग विभाग कभी कभार छापा मारता है, लेकिन वह दुकानों तक ही सीमित रहता है। सैंपल लेने की जानकारी होती है, लेकिन रिपोर्ट क्या आई, इसके बारे में जानकारी नहीं मिलती है, और दुकान चलती रहती है। बाॅर्डर पर होने वाली दवाओं की तस्करी के बारे में जिम्मेदार कुछ भी बोलने से इन्कार कर रहे हैं।
आबादी नहीं, फिर भी तेजी से बढ़ रही दुकानें : ककरहवा क्षेत्र के निवासी राजेश ने बताया कि ऐसे स्थान पर दवा की दुकानें खोल दी गई हैं, जहां दूर-दूर तक गांव नहीं है, लेकिन दुकान से कमाई करके जमीन खरीद रहे हैं, मकान बनवा रहे हैं। नेपाल में दवा की कीमत अधिक है। कई दवाएं प्रतिबंधित हैं, लेकिन वह भारत में बिक रही हैं। इसलिए नेपाल सीमा से सटे गांव के लोग यहीं आते हैं और मुंह मांगी कीमत पर दवा लेकर जाते हैं। सिरप सहित कई भारतीय दवाओं की मांग अधिक : नेपाल में भारतीय कफ सिरप की मांग अधिक है। इसके साथ ही खुजली में खाने वाली एविल और सिट्राजिन दवाओं की मांग अधिक है। सस्ती होने के साथ ही इससे नींद भी आती है। खांसी आने पर सिट्राजिन का प्रयोग नेपाल में अधिक होता है। इसके अलावा अन्य कई दवाएं हैं, जिससे नशा होता है, उसे खरीदते हैं। क्योंकि उसकी अधिक मांग है। साथ ही नेपाल में बिना डॉक्टर के पर्ची के कोई मेडिकल स्टोर दवा नहीं देता है, जबकि यहां कोई भी दवा आसानी से मिल जाती है।
नेपाल सरकार ने किया है प्रतिबंधित : नेपाल के स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों से जानकारी मिली कि यहां कई भारतीय दवा प्रतिबंधित है। उसकी बिक्री नेपाल में नहीं हो सकती है। इसमें स्पासमों प्राॅक्सीवान, फैंसीड्रील कफ सिरप, कोरेक्स कफ सिरप, न्यूट्रोसन, अलप्राजोलाम, लेमोफेन, लेमोटिल, क्लमपोज सहित कई नारकोटिक दवाएं पूर्ण रूप से प्रतिबंधित हैं, जिन्हें नेपाल सरकार ने रोका है, लेकिन बाॅर्डर से यह दवाएं बेची जा रही हैं।
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दोगुने दाम पर बिक रही प्रतिबंधित दवाएं : नेपाल में नशीली दवाओं के बारे में सीमा से सेट नेपाल तौलिहवा में दवा की दुकान करने वाले अशफाक के मुताबिक चोरी छिपे भारत से कफ सिरप आती है, जिसका मूल्य 130 रुपये है, यहां वह 200 रुपये तक मिलती है। इसी प्रकार नशीली गोली जो 30 रुपये पत्ता बिकती है, उसकी कीमत 30 रुपये गोली में लोग बेच रहे हैं। सिट्राजिन अधिक बिकता है। क्योंकि शरीर पर इसका बहुत बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है। अधिक कीमत मिलने के कारण प्रतिबंधित होने के बाद भी लगातार नेपाल में दवाएं पहुंचती हैं, जिस आए दिन पकड़ जा रहा है। इसमें कुछ इंजेक्शन भी आ रहे हैं। अक्तूबर के आखिरी सप्ताह में नेपाल के कपिलवस्तु जिले के कृष्णानगर वार्ड-3 हनुमानगढ़ी के पास से 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार कर उसके पास से 19,000 ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए गए। यह पहली बार है कि जिले में इतनी बड़ी मात्रा में दवा बरामद हुई। कृष्णानगर पुलिस के उप निरीक्षक मोहन मणि अधिकारी ने बताया कि पकड़ा गया सिकंदर चौहान झंडेनगर का निवासी है। वह संदिग्ध हालत में दक्षिण से उत्तर की ओर पैदल आ रहा था। पुलिस की टीम ने जब चौहान के प्लास्टिक बैग की तलाशी ली तो उसमें 650 ट्रामाडोल कैप्सूल मिले। आगे की जांच में चौहान के पास से कुल 19,000 कैप्सूल बरामद हुए।
13 दिसंबर को एसएसबी और हरिवंशपुर चौकी की पुलिस ने एक मोबाइल की दुकान पर छापा मारा और दुकान से 1140 नशीली दवा बरामद की।
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