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बिना वाहन चलवाए ही जारी हो रहा ड्राइविंग लाइसेंस

Sat, 31 Mar 2018 10:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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एआरटीओ कार्यालय परिसर में खड़ी गाड़ियां। - फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। तेजी से बढ़ते सड़क हादसों को लेकर सरकार बेहद गंभीर है। सड़क सुरक्षा के लिए लगातार अभियान चल रहे हैं, मगर ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने में कोई सतर्कता नहीं दिख रही। आलम यह है कि बिना ड्राइविंग टेस्ट लिए ही जिले में धड़ल्ले से दोपहिया, चार पहिया वाहनों के चालन का लाइसेंस जारी कर दिया जा रहा है। रोजाना 50 से अधिक लाइसेंस जारी हो रहे हैं, लेकिन टेस्ट किसी का नहीं हो रहा। ड्राइविंग टेस्ट न हो पाने के लिए जिम्मेदार ड्राइविंग ट्रैक के अभाव का हवाला दे रहे हैं।
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हादसों में कमी लाने के लिए सरकार सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर दे रही है। हेलमेट, सीट बेल्ट को अनिवार्य कर दिया गया है। यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश हैं। लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए गए, जिससे उसी व्यक्ति का लाइसेंस जारी हो जो वाहन चलाने में निपुण हो। इसके लिए ऑनलाइन टेस्ट के साथ ड्राइविंग टेस्ट लेना भी अनिवार्य किया गया है। शासन की इस मंशा का जिले में पालन नहीं हो रहा। यहां ऑनलाइन टेस्ट तो होता है, लेकिन जब ड्राइविंग टेस्ट की बारी आती है तो बिना वाहन चलवाए ही कुशल चालक का प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है। बता दें कि अभी तक एआरटीओ विभाग के पास चार व दो पाहिया वाहन चलाकर टेस्ट लेने के लिए कोई ट्रैक नहीं बना है।
बावजूद प्रतिदिन 50 लोगों का स्थायी लाइसेंस जारी हो रहा है। इनमें ज्यादातर ऐसे होते हैं, जो अभी वाहन चलाने में दक्ष ही नहीं होते। यातायात नियमों के पालन कराने वाला विभाग खुद असुरक्षित यात्रा के लिए अनुमति प्रदान कर रहा है। इस संबंध में एआरटीओ एके शुक्ला का कहना है कि ड्राइविंग ट्रैक न होने से थोड़ी दिक्कतें होती हैं, फिर भी बिना टेस्ट लिए लाइसेंस जारी नहीं किया जाता है। ड्राइविंग ट्रैक के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। जगह उपलब्ध होते ही ट्रैक का निर्माण कराया जाएगा।
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