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डीआरडीए कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

Wed, 04 May 2016 10:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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मुक्त सर के गुरु गोबिंद सिंह पार्क के सामने नारेबाजी करते मजदूर। - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश डीआरडीए इंप्लाइज यूनियन डीआरडीए कर्मियों को राजकीय कर्मचारी घोषित करते हुए ग्राम्य विकास विभाग में संविलयन न किए जाने के विरोध में आंदोलन शुरू हो गया है। बुधवार को दूसरे दिन भी डीआरडीए कर्मियों ने काली पट्टी बांध कर प्रदर्शन किया और राज्य सरकार पर हमला किया।
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अध्यक्ष ईश्वरचंद्र वर्मा ने कहा कि प्रदर्शन छह मई तक जारी रहेगा। उसके बाद सात मई को गेट मीटिंग व कार्य वहिष्कार किया जाएगा। 10 मई को सारे कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर लखनऊ पहुंचेंगे और वहां जवाहर भवन से मुख्यमंत्री आवास तक रैली निकालेंगे।
उन्होंने कहा कि डीआरडीए कर्मी अपने कार्य को राज्य कर्मचारियों की ही तरह संपादित करते हैं। बावजूद इसके प्रदेश सरकार उनकी मांगों का तवज्जो नहीं दे रही है। केंद्र सरकार के दिशा निर्देश पर कई राज्यों में डीआरडीए कर्मियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देकर लाइन विभाग में समायोजित कर राज्य कर्मचारियों की भांति सुविधाएं मिल रही हैं।
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राज्य कर्मचारी घोषित किए जाने पर वित्तीय भार बढ़ने की दलील दी जा रही है, जोकि गलत है। उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास विभाग में इस समय तमाम पद रिक्त चल रहे हैं, जिसके चलते कर्मचारियों के ऊपर काम का काफी बोझ है।
ऐसी दशा में डीआरडीए कर्मियों का विकास विभाग में समायोजन करने से कोई वित्तीय भार नहीं आएगा। महामंत्री ओम प्रकाश पाठक ने कहा कि डीआरडीए कर्मी वेतन, भत्ते व अन्य सुविधाओं को लेकर अंधकार में जी रहे हैं। अब कोरे आश्वासन से वे मानने वाले नहीं हैं।
हक की लड़ाई आर पार लड़ी जाएगी और सारे लोग एकजुट होकर इसमे हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान आलोक पांडेय, विजय कुमार, मो. इमरान, शकील अहमद, राधाकृष्ण प्रसाद, प्रवीन कुमार श्रीवास्तव, शिवपूजन, शफीक अहमद, बरखू प्रसाद, शिवकुमार, वजीहुद्दीन, शंभूशरण यादव, गोपाल पांडेय, परमात्मा प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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