सिद्धार्थनगर। विकास की राह पर तेजी से कदम बढ़ा रहे जिले में कई परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इसके लिए कहीं नाले खोदकर छोड़ दिए गए हैं तो कहीं सड़क खोद दी गई है। कई जगह जल निकासी लाइनें भी आमजन के लिए खतरा बन गई हैं। शहर के अशोक मार्ग की हालत सबसे अस्त-व्यस्त है।
इसके अलावा रेलवे स्टेशन रोड, बुद्ध विद्या पीठ, खजुरिया मार्ग और अशोक मार्ग समेत कई इलाकों में स्थिति चिंताजनक है। कई जगह नालियों पर ढक्कन न होने से हादसे की आशंका बनी हुई है।
अशोक मार्ग पर ऊंचाई को लेकर आपत्ति : अशोक मार्ग पर बन रही नालियों की ऊंचाई पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। सरोजनीनगर के अशोक मिश्रा, लक्ष्मी सिंह और वेदप्रकाश पांडेय का कहना है कि नाली सड़क की ऊंचाई के बराबर बनाई जा रही है, जिससे मोहल्ले का पानी उसमें नहीं जा सकेगा और जलभराव की समस्या बनी रहेगी।
रेलवे स्टेशन के पास खुली नाली से खतरा : शहर के नागरिक विनोद बताते हैं कि रेलवे स्टेशन से सोहांस मोड़ तक कई स्थानों पर नालियों पर ढक्कन नहीं लगे हैं। कुछ जगह सड़क नाली की ओर धंस गई है। रात में ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों की भीड़ सड़क किनारे खड़ी रहती है, जिससे गिरने का खतरा बना रहता है।
लखनऊ जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे अनवर ने बताया कि ट्रेन लेट होने पर यात्री चाय आदि के लिए सड़क किनारे खड़े रहते हैं और बगल में खुली नाली होने से हादसे की आशंका बनी रहती है। बुद्ध विद्या पीठ की बाउंड्री के पास भी नालियों पर ढक्कन नहीं हैं, जिससे छात्र-छात्राओं और राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
खजुरिया मार्ग पर नई नाली भी बेअसर : खजुरिया मार्ग पर एक वर्ष पूर्व दोनों ओर नालियों का निर्माण कराया गया था। इसका पानी विकास भवन के पास ओवरब्रिज की ओर निकाला जाना है, लेकिन नाले के ऊपर दुकान लगाने वालों द्वारा कचरा फेंके जाने से निकासी प्रभावित हो रही है।
सिविल लाइंस के दीपक और रवि ने बताया कि कचरे के कारण जगह-जगह पानी जमा हो रहा है, जिससे बरसात में हालात और बिगड़ सकते हैं।ज