संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। आवागमन सुविधा से अछूते बांसी, डुमरियागंज और इटवा तहसील क्षेत्र में रेल और एक्सप्रेसवे की डबल रफ्तार से यहां की तस्वीर बदल रही है। बांसी और डुमरियागंज क्षेत्र के 85 गांवों से गुजर रही नई खलीलाबाद-बहराइच रेल लाइन से आसपास के सैकड़ों गांव कस्बे के लोगों को सुविधा होगी।
वहीं, बांसी, डुमरियागंज, इटवा क्षेत्र के 88 गांवों से होकर गुजरने वाला गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे क्षेत्र के विकास को रफ्तार देगा।
जिले की पांच तहसीलों में नौगढ़ व शोहरतगढ़ क्षेत्र से होकर गोरखपुर गोंडा रेल लाइन गुजरती है लेकिन बांसी, इटवा व डुमरियागंज तहसील क्षेत्र रेल सुविधा से अछूता था। जिले से गुजरने वाले दो नेशनल हाइवे भी सिर्फ तीन तहसील बांसी, नौगढ़ व शोहरतगढ़ क्षेत्र से गुजरते हैं। जबकि डुमरियागंज व इटवा तहसील क्षेत्र हाईवे या एक्सप्रेसवे सुविधा से वंचित थे।
वर्तमान में खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन निर्माण के तहत बांसी तहसील में खेसरहा व बांसी स्टेशन के निर्माण के साथ रेल लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। साथ ही डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में भूमि चिह्नांकन कर अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है जबकि गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के निर्माण के तहत बांसी, डुमरियागंज व इटवा तहसील क्षेत्र के 88 गांवों की भूमि चिह्नित कर अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी गई है। नई रेल लाइन बिछाए जाने और एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने से स्थानीय लोगों में उत्साह व खुशी दिख रही है।
जिले से गुजरेगी 65 किमी रेललाइन, 45 किमी एक्सप्रेसवे : बांसी व डुमरियागंज तहसील क्षेत्र से होकर गुजरने वाली खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन की जिले में 65 किमी लंबाई होगी और यहां चार क्राॅसिंग व तीन हाल्ट स्टेशन स्थापित होंगे।
वहीं, बांसी, डुमरियागंज और इटवा तहसीलों से गुजरने वाली गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे की जिले में लंबाई 45 किलोमीटर होगी। रेल लाइन परियोजना दो फेज में बंटी है, इसमें प्रथम फेज खलीलाबाद से बांसी और दूसरा फेज बांसी से बहराइच तक बनाया जाना है। वहीं, शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के तहत गोरखपुर से बांसी तक एनएचएआई गोरखपुर और बांसी से डुमरियागंज व इटवा क्षेत्र में निर्माण कार्य एनएचएआई कार्यालय अयोध्या की ओर से कराया जाना है।
जिले की होगी बेहतर कनेक्टिविटी : खलीलाबाद बहराईच रेल लाइन और शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के माध्यम से जिले के लोगों की प्रदेश और देश के दूसरे हिस्से से बेहतर कनेक्टिविटी हो जाएगी। शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से कुशीनगर में जुड़ेगा, जिससे जिले के लोगों का पूर्वाेत्तर भारत तक आवागमन सुगम हो जाएगा। शामली तक पहुंच होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली व हरियाणा के कई जिलों के साथ जुड़ जाएगा। यह एक्सप्रेसवे यूपी के 21 जिलों कुशीनगर, गोरखपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर व शामली आदि जिलों से गुजरेगा। साथ ही यह एक्सप्रेसवे हरियाणा के पानीपत को भी जोड़ेगा।
आवागमन के साथ ही बढ़ेगी व्यावसायिक गतिविधि : रेल लाइन व एक्सप्रेसवे से तीनों तहसील क्षेत्रों के लोगों को जहां आवागमन सुविधा बेहतर होगी,
वहीं व्यवसायिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी। जिले में सात नए रेलवे स्टेशनों के निर्माण से उसके आसपास विभिन्न प्रकार के दुकानों के साथ ही नए बाजार स्थापित होंगे और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
बांसी, डुमरियागंज और इटवा तहसील में स्टेशनों व एक्सप्रेसवे के निर्माण से आवागमन के साथ यहां उद्योग लगाने व निर्यात में सहूलियत होगी।
स्टेशन व एक्सप्रेसवे के आसपास की भूमि की कीमत और उपयोगिता भी बढ़ जाएगी, जिससे परिवहन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही जिले में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।