सिद्धार्थनगर। अगर ब्लड प्रेशर कम और अधिक हो रहा है तो यह ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक का ही खतरा नहीं है, इससे किडनी पर बुरा असर पड़ सकता है। अगर नियमित ब्लडप्रेशर बढ़ा है तो यह आपके लिए घातक साबित हो सकता है। यह आपकी किडनी को न सिर्फ नुकसान पहुंचा सकता है। बल्कि आपकी किडनी को खराब कर सकता है। मेडिकल कॉलेज में 20 से 35 की उम्र के लोग हाई ब्लडप्रेशर की समस्या लेकर आ रहे हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों की संख्या बढ़ी है। डॉक्टर दवा देने के साथ ही नियमित व्यायाम, ध्यान और योग करने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही ब्लड प्रेशर नियमित सीमा से अधिक होने पर दवा लेने की सलाह दे रहे हैं। सामान्य दिखने वाले व्यक्ति की बीपी जांचने में सामान्य से अधिक मिल रही है। उन्हें इसकी जानकारी तब हो रही है, जब वह डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं और जांच करवा रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन वार्ड और इमरजेंसी में मौजूदा समय में 20 से 25 ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं जिनकी उम्र 20-35 वर्ष है। चिकित्सक के मुताबिक ब्लड प्रेशर के स्तर को सामान्य रखना बहुत जरूरी है। इसका सामान्य से कम या अधिक होना, दोनों ही सेहत के लिए नुकसानदायक है। क्योंकि हाई ब्लड प्रेशर के कारण आपकी किडनी फेल या डैमेज भी हो सकती है। गंभीर होने पर यह कम समय में ही किडनी को प्रभावित करने लगता है।
ब्लड प्रेशर में मामूली स्पाइक भी किडनी को लंबे समय में नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसलिए शरीर में एकाएक कंपन, बेचैनी, पसीना या घबराहट महसूस होती है तो ब्लड प्रेशर की जांच जरूर करवाएं। इसे नजरअंदाज करना केवल हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक नहीं, बल्कि किडनी खराब हो सकती है।
कोट
ब्लड प्रेशर किडनी की बीमारी का जन्म है। अगर ब्लड प्रेशर नियमित बढ़ रहा है तो किडनी की समस्या हो सकती है। किडनी के मरीजों की बीपी बढ़ती है। ठंड ब्लडप्रेशर बढ़ता है। ऐसे में जो पहले से किडनी के रोगी हैं या फिर जो उस बीमारी के चपेट में नहीं हैं, वे लोग विशेष ध्यान दें। खानपान सही करें, नियमित योग और ध्यान करें। इससे ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रख सकते हैं। आने वाले मरीजों को दवा के साथ यह सलाह दी जा रही है।
-डॉ. गौरव, विभागाध्यक्ष मेडिसिन विभाग