जिला स्तरीय पोषण समिति की बैठक गुरुवार को विकास भवन के डा.अंबेडकर सभागार में हुई। इसमें कुपोषित-अति कुपोषित बच्चों को पोषित करने की दिशा में 62 अधिकारियों को समीक्षा के लिए नियुक्त किया गया।
अब तक इसके क्रियान्वयन में लापरवाही पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई।जिलाधिकारी डा.सुरेन्द्र कुमार ने कहा कि जिन अधिकारियों ने पोषण मिशन के तहत दो गांव गोद लिए हैं, उन गांवों में जाकर आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बैठकर पूरा समय दें।
उनके स्वास्थ्य, वजन, पौष्टिक आहार वितरण, गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण आदि बिन्दुओं को नोट कर निर्धारित प्रोफार्मा में अपनी रिपोर्ट जिला कार्यक्रम विभाग को प्रेषित करें।
दिसंबर और जनवरी माह की रिपोर्ट न देने वाले अधिकारियों को 10 फरवरी तक हर हाल में रिपोर्ट देने को कहा गया। प्रभारी चिकित्साधिकारियों को भी इस कार्य में तत्परता से लगने के निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी अखिलेश तिवारी ने जिला युवा कल्याण अधिकारी को हिदायत दी कि जनपद स्तर पर कार्यशाला के बावजूद फीडबैक रिपोर्ट न देना गंभीर विषय है।
इससे लापरवाही स्पष्ट हो रही है। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी व प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने जिला स्तरीय पोषण समिति के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने सभी सीडीपीओ को आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए। बैठक में एसपी अजय कुमार साहनी, एसडीएम इटवा जुबेर बेग, विनय कुमार सिंह, मंडलीय समन्वयक शैलेन्द्र तिवारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय, डीआईओएस रामकृपाल प्रसाद, जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चंद्र, जिला पंचायत राज अधिकारी शशिकांत पांडेय आदि मौजूद रहे।