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खराब हाइवे पर बिफरे डीएम

Wed, 15 Jun 2016 11:14 PM IST
Siddharth Nagar 
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अशोक मार्ग की दो किमी लंबी सड़क बदहाल है। - फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर के अशोक मार्ग की दो किमी लंबी सड़क की बदहाली पर बुधवार को डीएम के तेवर तल्ख थे। बार-बार वादा कर सड़क निर्माण न कराए जाने से नाराज डीएम ने कार्य में लगे एनएच-730 के दोनों प्रोजेक्ट मैनेजरों को तलब किया। डीएम की सख्ती के बाद 30 जून तक हर हाल में सड़क बनवाने का शपथ पत्र देकर प्रोजेक्ट मैनेजरों ने राहत पाई। जिलाधिकारी ने हिदायत दी है कि अगर इस अवधि तक सड़क निर्माण नहीं होता तो कड़ी कार्रवाई के लिए कार्यदाई संस्था और उसके अधिकारी तैयार रहें।
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राष्ट्रीय राजमार्ग-730 में शामिल फरेंदा, नौगढ़, शोहरतगढ़, बढनी मार्ग का निर्माण कार्य दो वर्ष से लंबित पड़ा है। ठेेके की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद सड़क निर्माण में रुचि नहीं दिखाई। सबसे खराब हालत बेलहिया चौराहे से सांड़ी तिराहा और हुसैनगंज तक की सड़क की है। करीब दो किमी लंबी इस सड़क पर हर समय धूल का गुबार भरा रहता है। 

इससे आस-पास स्थित मकानों में रहने वाले लोग अस्थमा सहित श्वांस संबंधी तमाम बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। बेलहिया तिराहे से सांड़ी तिराहा मार्ग पर डीएम, एसपी, एडीएम सहित आला अफसरों के आवास और कार्यालय हैं। जिला जज का आवास पीडब्लूडी रेस्ट हाउस, जिला जेल, अस्पताल, बीएसए दफ्तर जैसे अहम कार्यालय मौजूद होने के चलते हमेशा आवाजाही रहती है। सड़क की बदहाली से राहगीरों को फजीहत झेलनी पड़ रही। 
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इस सड़क को बनवाने के लिए पूर्व जिलाधिकारी डॉ.सुरेंद्र कुमार ने खासी मशक्कत की थी। विभागीय अफसरों से जवाब-तलब के साथ शासन को कई बार पत्र लिखा था। हर बार कार्यदाई संस्था 50-100 मीटर सड़क बनाकर गायब हो जाती है। जिले में आगमन के साथ ही डीएम नरेंद्र शंकर पांडेय इस सड़क को लेकर गंभीर रहे हैं। कई बार कार्यदाई संस्था व विभाग को हिदायत दी, मगर पुराने ढर्रे पर चलते हुए गिट्टी गिराकर या सड़क उखाड़कर संस्था मौन साध लेती है। लगातार शिकायतों-उलाहनों से आजिज जिलाधिकारी ने बुधवार को सड़क निर्माण में लगे दो संस्थाओं के प्रोजेक्ट मैनेजरों को तलब किया। 

प्रोजेक्ट मैनेजर संजय कुमार मिश्रा व कृष्ण कुमार तिवारी ने डीएम के समक्ष उपस्थित होकर कार्य न करा पाने में अपनी मजबूरी जताई। धन का रोना रोया तो मौसम का भी हवाला देकर बचने की कोशिश की। डीएम ने इसे खारिज करते कहा कि पर्याप्त मौका दिया जा चुका है, अब और नहीं। हर हाल में तत्काल सड़क बननी चाहिए। डीएम के कड़े रुख के बाद प्रोजेक्ट मैनेजरों ने 30 जून तक की मोहलत मांगी। बकायदे शपथ पत्र पर भी इसका उल्लेख किया। डीएम ने हिदायत देते हुए कहा कि अगर इस बार सड़क तय समय तक पूरी नहीं हुई तो फिर कोई रियायत नहीं दी जाएगी। कार्यदाई संस्था और उसके अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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