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Siddharthnagar News: लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष हुए बर्खास्त

Mon, 25 Nov 2024 01:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। इटवा तहसील में कार्यरत रहे लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्त को अनुशासनहीनता के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है। नियुक्ति प्राधिकारी व एसडीएम इटवा कल्याण सिंह मौर्य ने मामले की जांच एवं सुनवाई के दौरान चार आरोपों की पुष्टि के बाद यह कार्रवाई की है।
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इटवा तहसील में 10 वर्ष से अधिक समय से कार्यरत रहने के कारण लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता का जिलाधिकारी ने 27 जून 2024 को शोहरतगढ़ तहसील में स्थानांतरण कर दिया गया था।
जिसके बाद इटवा तहसीलदार ने 27 जून को ही तात्काल प्रभाव से तहसील इटवा से अवमुक्त कर तहसीलदार शोहरतगढ़ के समक्ष उपस्थित होकर योगदान आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। जांच में आरोप लगाया गया कि इस आदेश का पालन न करते हुए लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता ने तहसील इटवा से न तो अवमुक्त आदेश की प्रति प्राप्त की और न ही तहसील शोहरतगढ़ में अपना योगदान प्रस्तुत किया। उन पर कार्यमुक्ति के दिनांक से अनाधिकृत रूप से ड्यूटी से अनुपस्थित रहते हुए उच्चाधिकारियों की अवज्ञा एवं अनुशासनहीनता के दोषी होने का आरोप था।
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जिसके बाद उन्हें नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया। आरोप था कि उनके द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण में स्वयं यह स्वीकार किया कि वह 10 वर्ष से अधिक अवधि से तहसील इटवा में कार्यरत रहे। यह उल्लिखित किया कि वह मान्यता प्राप्त सेवा संगठन के जिलाध्यक्ष है और इसलिए उसका स्थानांतरण तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा द्वेषवश कर दिया गया।
जबकि स्थानांतरण नीति विषयक शासनादेश में स्पष्ट रूप से निर्देश है कि मान्यता प्राप्त सेवा संगठनों के प्रदेश, मंडल व जनपदों के अध्यक्ष, मंत्री का स्थानांतरण उनके पद पर रहते हुए दो वर्ष तक नहीं किए जाएंगे। जांच में कहा गया उनका यह स्पष्टीकरण औचित्यपूर्ण नहीं है तथा बचाव में उच्चाधिकारियों को आरोपित करने का कुप्रयास है, जिससे अपचारी कर्मचारी पर यह आरोप सिद्ध है।
इसी तरह अपूर्ण अभिलेखों के साथ चिकित्सा अवकाश प्रार्थना पत्र को भी 15 जुलाई 2024 को एसडीएम इटवा ने निरस्त कर दिया गया था। इस प्रकार वह गलत एवं भ्रामक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करके मनमानी ढंग से चिकित्सा अवकाश पर रहने के दोषी हैं। इस प्रकार आरोप संख्या दो भी सिद्ध है। आरोप संख्या तीन में अपर जिलाधिकारी ने स्थानांतरण आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए 15 जुलाई 2024 के पूर्व नवीन तैनाती तहसील में कार्यभार ग्रहण करने के लिए निर्देशित किया गया था। लेकिन, निर्देश के बावजूद नवीन तैनाती तहसील में कार्यभार ग्रहण न करके शासकीय कार्यों में अवरोध उत्पन्न किया गया तथा उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना की गई है। जिससे दोष सिद्ध है।
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