आशा कार्यकर्ताओं ने जिला अस्पताल का गेट बंद कर किया प्रर्दशन।
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सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ की इकाई आशा कार्यकर्ता आंदोलन के आठवें दिन सोमवार को उग्र हो गए। सीएमओ कार्यालय पर तालाबंदी में विफल रहने के बाद जिला चिकित्सालय के मुख्य गेट पर ताला लगाकर धरना-प्रदर्शन किया। आधे घंटे के ताला बंद रहने से मरीजों व तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को मनाया, इसके बाद प्रदर्शनकारी माने। इस दौरान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम व एसपी को मांगों से संबंधित ज्ञापन दिया।
मांगों की अनदेखी किए जाने से नाराज आशा कार्यकर्ताओं ने सुबह सीएमओ आफिस खुलने के बाद वहां तालाबंदी का प्रयास किया, लेकिन किन्हीं कारणों से वहां ताला नहीं बंद हो सका। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने जिला चिकित्सालय की तरफ रुख किया। यहां जब तक लोग कुछ समझ पाते कार्यकर्ताओं ने मेन गेट पर ताला तला दिया। अधिकारियों को गेट पर बुलाने व मांगों के निस्तारण की बात पर अड़े कार्यकर्ता किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे। इस दौरान जिला चिकित्सालय में आने वाले मरीज परेशान रहे। चिकित्सालय प्रशासन ने इसकी सूचना सदर थाना को दी। पुलिस पहुंचने के बाद कार्यकर्ता माने और धरना स्थल से सीएमओ कार्यालय पर लौटे।
जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संघ मनीष पांडेय ने कहा कि सूबे में छह सूत्रीय मांगों को लेकर सीएमओ आफिस में आठ दिन से धरना चल रहा है। प्रांतीय नेतृत्व व उच्चाधिकारियों के बीच हुई वार्ता विफल होने पर निर्णय लिया गया कि स्वास्थ्य विभाग के संविदाकर्मी, आशा कार्यकर्ता, आशा संगिनी भूख हड़ताल पर बैठेंगी। मांगों का निस्तारण होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान विजयलक्ष्मी सिंह, पुष्पा सिंह, दिनेश मिश्रा, सतीश चंद्र वर्मा, अमित मिश्रा, विरेंद्र मौर्या, रीता पांडेय, इसरावती देवी, गीता श्रीवास्तव, गीता गोस्वामी आदि मौजूद रहे।