शाहपुर। डुमरियागंज नगर के गांधी नगर वार्ड में चल रही नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शुक्रवार की रात भक्त प्रह्लाद प्रसंग का बखान किया गया। इसे सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए। कथा व्यास पं. राकेश शास्त्री ने कहा कि भक्त प्रह्लाद ने माता कयाधु के गर्भ में ही नारायण नाम का मंत्र सुना था, जिसके सुनने मात्र से भक्त प्रह्लाद के कई कष्ट दूर हो गए थे।
कथावाचक पं. राकेश शास्त्री ने कथा की शुरुआत गुरु वंदना के साथ की। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की पावन लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि बच्चों को धर्म का ज्ञान बचपन में दिया जाता है, वह जीवन भर उसका ही स्मरण करता है। ऐसे में बच्चों को धर्म और आध्यात्म का ज्ञान दिया जाना चाहिए। माता-पिता की सेवा व प्रेम के साथ समाज में रहने की प्रेरणा ही धर्म का मूल है। अच्छे संस्कारों के कारण ही ध्रुव जी को पांच वर्ष की आयु में भगवान का दर्शन प्राप्त हुआ। इसके साथ ही उन्हें 36 हजार वर्ष तक राज्य भोगने का वरदान प्राप्त हुआ था। ऐसी कई मिसाल हैं, जिससे सीख लेने की जरूरत है। इस अवसर पर मुख्य यजमान रामचंद्र यादव, लवकुश यादव, मनोज पांडेय, अखिलेश, जालंधर, अंकित, सुशील आदि मौजूद रहे।