संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जंक फूड का अत्यधिक सेवन करने से दांतों की सेहत बिगड़ रही है। बच्चों में बीमारी लगने से दांत खराब हो रहे हैं, जबकि सफाई से ब्रश न करने से पेट की भी बीमारी हो रही है। इसका असर बड़े लोगों में भी दिख रहा है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की दंत रोग ओपीडी में रोजाना 15 से 20 मरीज दांत से पीड़ित पहुंच रहे हैं, जिसमें बच्चों की संख्या ज्यादा है। जंक फूड पेट संबंधी रोगों के अलावा मोटापे का भी कारण बन रहा है। जंक फूड का चलन अत्यधिक बढ़ रहा है। बच्चे ही नहीं बड़े तक इसका खूब सेवन कर रहे हैं। फास्ट फूड का ज्यादा सेवन दांतों को ही नहीं, बल्कि आंत को भी नुकसान पहुंचा रहा है।
डॉक्टर बताते हैं कि जंक फूड में कार्बोहाइड्रेड की मात्रा अधिक होती है, और यह चिपकता भी ज्यादा है। दांतों में चिपककर यह लेक्टिक एसिड बनाता है, जिससे ब्लैक स्पॉट बनने के साथ दांत जंक फूड के कारण समय से पहले गिर रहे दूध के दांत गलना शुरू हो जाते हैं। बच्चों में दांतों को बीमारी जल्द लगती है, क्योंकि वह दांतों की अच्छी तरह से सफाई नहीं कर पाते।
दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. लक्ष्मी सिंह बताती हैं कि जंक फूड खाने के बाद अच्छी तरह मुंह साफ कर दांतों को सुरक्षित रखा जा सकता है। जंक फूड के सेवन से बच्चों के दांत कमजोर हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि बताया कि ज्यादातर लोग ओरल हेल्थ के प्रति ध्यान नहीं देते। इसलिए दांतों में झनझनाहट, कैविटी समेत अन्य समस्या शुरू हो जाती है। वह धीरे-धीरे पेट में पहुंचकर जानलेवा बीमारी बना देती है। लोग बिस्तर से उठने के बाद ही खाना-पीना शुरू कर देते हैं। यह आदत सही नहीं।
सबसे पहले ब्रश करें फिर कुछ खाएं। शरीर को बीमारियों से बचाव को रोकने के लिए मुंह के रोगों की रोकथाम, शीघ्र पहचान और उपचार जरूरी है। लेटलतीफी से रोग बढ़ते हैं। सिर के पीछे, गर्दन के नीचे दर्द, मांसपेशियों में दर्द की वजह भी गंदे दांत हो सकते हैं।