खतरे के निशान को पार कर गई बूढ़ी राप्ती नदी
नदी के उफान पर होने से तटवर्ती गांव के लोगों में दहशत
लगातार बारिश के बाद सभी नदियों के जलस्तर में वृद्धि
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जिले में प्रमुख नदियां उफान पर हैं। इससे तटवर्ती गांव के लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। उन्हें बाढ़ की चिंता सताने लगी है। बूढ़ी राप्ती खतरेे के निशान से 13 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बारिश का सिलसिला अगर नहीं रुका तो इस नदी के बाढ़ क्षेत्र में आने वाले कई दर्जन गांव डूब जाएंगे। कभी भी बाढ़ आने की चिंता से लोग बेचैन हैं।
मानसून की बारिश और पहाड़ी नदियों के पानी से जिले में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है। बाढ़ से कई सैकड़ों गांव जलमग्न हो जाते हैं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। प्री मानसून के कारण इस वर्ष भी कुछ इसी प्रकार के हालात उत्पन्न हो रहे हैं। पिछले कई दिनों से बारिश का सिलसिला जारी है। इससे से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बूढ़ी राप्ती नदी मंगलवार को खतरे के निशान से आठ सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी बुधवार को पांच सेंटीमीटर का और इजाफा हुआ, यह खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद ककरही, बंगरा सहित नदी के आसपास बांध के किनारे बसे लोगों को डर सताने लगा है कि कहीं बाढ़ टूट न जाए और बाढ़ की चपेट में न आ जाएं। बूढ़ी राप्ती के अलावा अन्य नदियां भी रौद्र रूप में हैं। सभी तेजी से बढ़ रही हैं, जानकारों का कहना है कि अगर बारिश और दिनों तक चला तो स्थिति भयावह हो सकती है।
एक नजर नदियों के जलस्तर पर
नदी आज कल शाम
बाणगंगा 92.80 92.50
बूढ़ी राप्ती 85.780 85.720
राप्ती नदी 84.810 84.710
जमुआर नाला 83.00 82.90
तेलार नाला 84.60 84.80
कूड़ा नदी 86.00 86.20
कूड़ा नदी 82.890 82.820
घोघी 86.85 86.75
बारिश से शहर से गांव तक परेशानी
जिले मेें रुक-रुक कर कभी तेज तो कभी धीमी गति से हो रही बारिश के कारण शहर से लेकर गांवों तक सड़कें जलभराव का शिकार हो गई हैं। मानसून शुरू होने से पहले नगरपालिका प्रशासन की ओर से ठोस उपाय नहीं किए जाने का खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ा। तड़के थोड़ी देर हुई बारिश के बाद शहर की मुख्य सड़कों में शामिल खजुरिहा मार्ग में दिनभर जलभराव की समस्या बनी रही। दो पहिया वाहन चालकों को तो परेशानी हुई ही पैदल यात्रियों को या तो पानी में घुस कर रास्ता पार करना पड़ा या कई किलोमीटर लंबा चक्कर लगाते हुए साड़ी तिराहा होते हुए जाना पड़ा। शहर की अन्य सड़कों का भी यही हाल रहा। सोहांस रोड स्थित बुद्धनगर की सड़क पर भी पानी दोपहर बाद तक बहता रहा। बारिश से गांव से लेकर शहर तक सड़क कीचड़ से सन गईं। जगह-जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने से आने-जाने वालों को दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। जल निकासी का उचित प्रबंध न होने के कारण बारिश के बाद पानी सड़क से ऊपर बह रहा था। मजबूरन लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ा।