सिद्धार्थनगर। सहालग शुरू होते ही बर्तन के बाजार में भी गुलजार हुआ है। बर्तनों की दाम में हो रही बढ़ोत्तरी के कारण आर्थिक बोझ से बचने के लिए अब रिवाज को पूरा करने के लिए हल्के बर्तनों की खरीदारी शुरू कर दिए है।
इससे अब गहने के साथ बर्तनों में भी हल्के वजन की बर्तन की मांग बढ़ गई है। जबकि पहले के समय में पीतल के भारी बर्तनों का चलन अधिक था। दिन प्रतिदिन हो रही महंगाई से लोग अब वजन से समझौता करना शुरू कर दिया है। इससे लोग भारी बर्तन की जगह हल्के बर्तनों को तरजीह दे रहे हैं। इसके पीछे वजह यह है कि सोने-चांदी की तरह पीतल के भाव में भी अधिक इजाफा हुआ है, जिनके घरों में शादियां हैं, उनको मजबूरी में बर्तन खरीदने पड़ रहे हैं। शादियों के सीजन में लोग सुबह से ही देर शाम तक खरीदारी करते हैं।
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शनिवार को पीतल का बर्तन खरीदने आई राजमती ने बताया कि बेटी की शादी के लिए पीतल का थाल खरीदा है। बजट न होते भी परंपराओं का निर्वहन करना पड़ रहा है।