चौरा बनगवा गांव के प्रसव केंद्र पर लटक रहा ताला।
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डुमरियागंज। महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति स्वास्थ्य विभाग कितना जिम्मेदार है, यह क्षेत्र के ग्राम पंचायत चौरा बनगवां में बने प्रसव केंद्र को देखकर लगाया जा सकता है। केंद्र का कई माह से ताला ही नहीं खुला। एएनएम कभी भी केंद्र पर नहीं आती। ग्रामीण महिलाओं को इलाज कराने के लिए डुमरियागंज या बेंवा सीएचसी पर जाने की मजबूरी है।
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के प्रसव केंद्र बदहाली का दंश झेल रहे हैैं। कई केंद्र खंडहर में तब्दील हो गए हैं, तो कई अस्तित्व खो चुके हैं। चौरा बनगवां में बने प्रसव केंद्र पर ताला जड़ा हुआ है। यहां तैनात एएनएम कभी भी नहीं आती। ग्रामीणों के अनुसार केंद्र बनने के बाद से आज तक किसी भी महिला का प्रसव नहीं कराया गया है। कभी कोई विभागीय जिम्मेदार आया। ग्राम निवासी शाह फहद मलिक, मुख्तार अहमद, सोनी आदि कहते है कि प्रसव केंद्र स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की उदासीनता की भेंट चढ़ गया है। अधिकांश ग्रामीणों को पता ही नहीं है कि यहां किसकी तैनाती है।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों से गांव में तैनात एएनएम के नियमित आने व प्रसव केंद्र पर इलाज कराने की व्यवस्था करवाने की मांग किया है। इस संबंध में अधीक्षक बेंवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डा. एनके गुप्ता ने कहा कि उन्हें चौरा बनगवां में बने प्रसव केंद्र की स्थिति के संबंध में जानकारी नहीं है। अगर गांव में एएनएम नहीं आती है तो जांच कराने के बाद कार्रवाई की जाएगी।