भनवापुर। गन्ना क्रय केंद्र पर कई दिनों तक गन्ना तौल नहीं होने से किसानों को ट्राॅली का किराया देना भारी पड़ रहा है। किसानों के गन्ना मूल्य का एक बड़ा हिस्सा किराए में चला जा रहा है। किसानों का कहना है कि अगर समय से गन्ने का तौल हो जाए तो समय के साथ ही खर्च के नुकसान से किसान बच जाएंगे।
भनवापुर क्षेत्र के हिजुरा में बजाज चीनी मिल रुधौली बस्ती के लगे गन्ना क्रय केंद्र पर ट्रांसपोर्ट की समुचित व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण किसानों को गन्ना लदी ट्राॅली लेकर एक से डेढ़ सप्ताह तक रुकना पड़ रहा है। केंद्र पर एक ट्रॉली गन्ना पहुंचाने का भाड़ा एक से डेढ़ हजार है। लेकिन, तीन से चार दिन के बाद भाड़ा दो हजार हो जाता है, जबकि किसानों को गन्ने की रखवाली में भी रात क्रय केंद्र पर बितानी पड़ रही है।
किसानों ने बताया कि पिछले साल गन्ना मूल्य के बकाए का भुगतान नहीं किया जा रहा है। बाढ़ में धान की फसल नष्ट हो गई। गन्ना तौल के लिए तीन गुना ट्राॅली का भाड़ा देने के बाद लागत निकालना मुश्किल लग रहा है। गन्ना मिल की ओर से हो रही समस्या के कारण किसानों ने गन्ना की खेती करना कम कर दिया है। जिन किसानों ने गन्ना की खेती की है उन्हें पछतावा हो रहा है।