सिद्धार्थनगर। शहर की लाइफ लाइन खजुरिया मार्ग के निर्माण की टाइम लाइन तय हो गया है। 15 फरवरी को यह सड़क जनता के हवाले हो जाएगी और वर्षों से दुश्वारी झेल रहे राहगीर रफ्तार भर सकेंगे। उन्हें कीचड़ से सराबोर और गड्ढों की भरमार वाली सड़क पर हिचकोले खाने से मुक्ति मिल जाएगी। समय सीमा तय होने के बाद कार्य में तेजी आ गई है। नाला निर्माण होने के साथ ही सड़क पर गिट्टी गिराने का भी कार्य शुरू हो गया है।
रविवार को सड़क निर्माण की पड़ताल की गई तो नाला निर्माण तेजी से होना पाया गया। इसके साथ ही गड्ढों में गिट्टियां भी गिराई जा रही हैं। बता दें कि लगभग छह करोड़ रुपये की लागत से दोनों तरफ नाली, सड़क और पोल शिफ्ट करने का कार्य होना है। नगर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले खजुरिया मार्ग का निर्माण आठ वर्ष पूर्व हुआ था।
जिसके बाद इस सड़क का मरम्मत नहीं हुआ। जिससे यह सड़क थाना, जिला पंचायत और कब्रिस्तान के पास समेत कई जगह पर टूटकर गड्ढे में बदल गई थी। समस्या जुलाई माह के आखिरी सप्ताह में तब बढ़ गई, जब सड़क चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण को हटाया गया।
अधिकांश मकान इसके जद में आ गए, जिससे मलबा सड़क पर आ गया और नालियां टूटकर क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके बाद सड़क का पता नहीं और नाली का पानी रास्ते पर बहने लगा। जिससे सड़क पर कीचड़ और गड्ढे के कारण लोगों का निकलना मुश्किल हो गया। मोहल्ले के अलावा बाहरी लोगों ने रास्ता बदल दिया।
चार माह से लगभग से काम ठप था। लेकिन अब निर्माण ने गति पकड़ ली है। रविवार को जब कार्य की हकीकत जानने के लिए खजुरिया मार्ग पर पहुंचे तो विकास भवन से हाल के आगे दूसरे मोड तक न सिर्फ नाले का निर्माण पूरा हो गया है। बल्कि, उसपर ढ़क्कन भी लगा दिया है। इसके ट्रैक्टर एजेंसी तक नाला बन गया है और आगे सरिया बिछाया गया है। केवल ढलाई बाकी।
काम करने एक वाले मजदूर ने बताया कि कार्य करने में दिक्कत नहीं है। अगर बाधा न आए तो 10 दिन में एक तरफ का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। क्योंकि मौसम भी निर्माण के लिए अनुकूल है। वहीं, सड़क निर्माण की बात करें को दूसरे मोड तक गिट्टी गिराने का कार्य पहुंचा है।
वहीं, स्थानीय लोगों बताया कि काम के दौरान घर से निकलने में परेशानी जरूर हो रही है। लेकिन कार्य में तेजी से यह लग रहा है कि समस्या दूर होने वाली है।
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