सिद्धार्थनगर। जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में कोच और खेल का अभाव है, जिससे शहर के खिलाड़ी अभ्यास करने के लिए दूसरे शहर जा रहे हैं। खिलाड़ियों को अधिक रुपया खर्च करके अभ्यास करना पड़ रहा है।
स्टेडियम में एथलेटिक्स व कबड्डी का कोच नहीं होने से खिलाड़ियों को प्रैक्टिस करने के लिए कोच नहीं मिल रहे हैं। खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए खिलाड़ी दूसरे शहर में जा रहे हैं, जिससे उन्हें 10 से 15 हजार रुपये महीना खर्च करके अभ्यास करना पड़ रहा है, खिलाड़ियों को ग्राउंड की भी सुविधा नहीं मिल रही है। खेल के क्षेत्र में कॅरियर बनाने वाले खिलाड़ी गुड़गांव व हरियाणा में रहकर तैयारी कर रहे हैं।
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स्टेडियम में एथलेटिक्स के कोच नहीं है। मैंने दौड़ में प्रदेश लेवल पर गोल्ड मेडल पाया है, सुविधा नहीं होने से हिमाचल प्रदेश में प्रैक्टिस करने चली गई थी, लेकिन वहां प्रतियोगिता चल रही है, इस कारण कुछ दिन के लिए वापस आ गई हूं।
-तृप्ति मिश्रा, खिलाड़ी
कोच के अभाव में कबड्डी की प्रैक्टिस नहीं हो पा रही थी, खेल के क्षेत्र में कॅरियर बनाना है। कबड्डी की प्रैक्टिस गुड़गांव में रह कर करती हूं। पीजी में रहने से 13 से 14 हजार रुपये महीना खर्च आता है।
-अनुष्का पांडेय, खिलाड़ी
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वर्जन
प्रैक्टिस करने के लिए खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जाता है, कोच के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। जिन खेलों में कोच हैं, उनमें प्रैक्टिस कराई जा रही है।
-प्रमोद जायसवाल, प्रभारी क्रीड़ा अधिकरी