ककरही पुल टूटने के बाद मरम्मत करते कारीगर।
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नौगढ़-बांसी मुख्य मार्ग पर ककरहीं गांव के पास राप्ती नदी पर निर्मित पुल फिर दरक गया है। पुल की बेयरिंग टूट गई है। खतरे को देखते हुए पुल से आवागमन रोक दिया गया है। सिर्फ पैदल और दो पहिया सवार ही इससे गुजर रहे हैं। ककरहवा-रुधौली-दुद्धी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित पुल के दरकने के बाद बांसी, बस्ती होते हुए लखनऊ को जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों के सहारे गुजारा जा रहा है। मरम्मत में जुटे एचसीसी के कर्मचारियों के मुताबिक पुल से सात दिनों तक आवागमन शुरू होने की कोई गुंजाइश नहीं है।
राप्ती नदी पर ब्रिटिश काल में बना पुल पहले भी दो बार दरक चुका है। करीब तीन वर्ष पहले भी बेयरिंग टूटी थी। तब मरम्मत के बाद पुल को फिर से चालू कर दिया गया था। ककरहीं पुल के दरकने की जानकारी प्रशासन को शनिवार की सुबह मिली थी। इसके बाद हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (एचसीसी) को दी। मौके पर पहुंचे इंजीनियर ने पुल की हालत को देखते हुए आवागमन बंद करने की सलाह दी। शनिवार की सुबह साढ़े नौ बजे से ही पुल से आवागमन रोक दिया गया। एचसीसी के कर्मचारी मरम्मत में जुट गए हैं।
कंपनी के प्रशासनिक अधिकारी अमरनाथ मंडल के मुताबिक पुल के बेयरिंग को केमिकल लगाकर जोड़ा गया है। इसे जुड़ने में करीब 12 घंटे लगेंगे। फिर भी पुल को सुरक्षा लिहाज से सात दिन से पहले शुरू नहीं किया जा सकता। हालांकि इस अवधि तक के लिए पुल के बगल से वैकल्पिक मार्ग बनाया जा रहा है, जो रात तक तैयार हो जाएगा।