बांसी/मिश्रौलिया। बांसी कोतवाली के मिश्रौलिया गांव में शनिवार को रसोई गैस सिलेंडर फटने से नौ घरों में आग लग गई। हादसे में घर में रखा सारा समान व अनाज जलकर राख हो गया। घटना में एक महिला भी गंभीर रूप से घायल हो गई।
गांव निवासी भग्गू पुत्र नेऊर के छप्पर के घर में सुबह करीब 10 बजे अचानक सिलेंडर फट गया और घर में आग लग गई। जब तक लोग कुछ समझ जाते तब तक आग ने आस के घरों को अपनी आगोश में ले लिया। देखते ही देखते आग नौ घरों तक आग पहुंच गई और सब कुछ जल गया। आग लगने की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस व दमकल विभाग को दी और आग पर काबू पाने की जद्दोजहद में जुट गए।
ग्रामीणों ने आनन-फानन में पास में मौजूद पंपिंग सेट को स्टार्ट कर आग बुझाना शुरू कर दिया। काफी मशक्कत के बाद लोगों ने आग पर काबू पाया। दमकल की गाड़ी पहुंचने तक आग बुझ चुकी थी। घटना में भग्गू की 60 वर्षीय पत्नी जोनहा गंभीर रूप से झुलस गई, जिसे एंबुलेंस से नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाया गया है। आग की घटना में भग्गू का 10 कुंतल गेहूं, 50 हजार नकद सहित घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। वहीं गांव की वटराजी पत्नी रामधनी का तीन कुंतल चावल, दो कुंतल गेहूं, तीन हजार रुपये सहित घर में रखा सारा सामान जल गया। राम कुमार पुत्र सवेरे का छप्पर का रिहायशी मकान छह कुंतल गेहूं, तीरथ पुत्र सवेरे का सात कुंतल गेहूं और घर में रखा सामान जल गया। लवकुश पुत्र बरन का चार कुंतल गेहूं और घर में रखा सामान जल गया।
रामदास, पल्टू पुत्र बनारसी, जुगानू पुत्र बरन और रामकिशोर पुत्र बरन का भी मकान और भूसा रखने का मंडिला आग में जल गया। नायब तहसीलदार केशरी नंदन और बांसी कोतवाली के उपनिरीक्षक ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। लेखपाल और कानूनगो ने भी गांव पहुंचकर नुकसान का आकलन किया। इस संबंध में एसडीएम बांसी डॉ. महेंद्र कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार के नेतृत्व में टीम भेजी गई है। उनकी रिपोर्ट के अनुसार पर पीड़ित लोगों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।