सिद्धार्थनगर। नेपाल के भंसार कार्यालय पर डिजिटल निर्भरता ने सुविधा के साथ ही भारतीय वाहन चालकों की मुश्किल भी बढ़ा दी है। डिजिटल शुरू होने के बाद ऑफलाइन सेवा को बंद कर दी गई है। अब इसमें सर्वर की रफ्तार सुस्त होने या फिर कुछ घंटों तक ठप होने की स्थिति में नेपाल घूमने की हसरत लिए निकलने वालों को परेशान होना पड़ रहा है। कई बार यात्रा भी रद्द करनी पड़ रही है। इससे समय भी बर्बाद हो ही रहा है।
दूसरी ओर बढ़नी बाॅर्डर पर ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन सुविधा भी है, जिससे यहां पहुंचने वाले लोगों को मैनुअल भंसार जारी कर दिया जा रहा है। वहीं, खुनुवां और ककरहवा बाॅर्डर पर पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। ऐसे में अगर सर्वर स्लो या ठप हो गया तो नेपाल जाने में या तो काफी समय बर्बाद होगा या फिर यात्रा रद्द करनी पड़ेगी। ऐसा इसलिए कि इन बॉर्डर से आगे बढ़ने का कोई विकल्प नहीं है। वहीं अगर चुपके से जाते भी हैं तो भारी-भरकम जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। बाॅर्डर के भंसार एंट्री प्वाइंट पर ली गई जानकारी में ऐसी समस्याएं सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक लोड अधिक होने के कारण अकसर सर्वर कुछ घंटे धीमा हो जाता है, जिससे लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है।
सीमावर्ती इलाके के लोगों की नेपाल से रोटी बेटी का रिश्ता होने साथ-साथ पर्यटन का बड़ा केंद्र और प्रमुख धार्मिक स्थल होने के कारण बड़ी संख्या में नियमित लोगों का आना-जाना होता है। यह व्यवस्था अरसे से चली आ रही है लेकिन खुला बॉर्डर होने और समय बदलने के साथ सीमा की संवेदशीलता बढ़ने लगी है।