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एंबुलेंस में दरिंदगी : न मुख्य आरोपी पकड़ में आया, न दर्ज हुआ पीड़िता का बयान

Tue, 10 Sep 2024 12:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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29 अगस्त कोे एंबुलेंस से पति को घर लाते समय दुष्कर्म की कोशिश का मामला
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संवाद न्यूज एजेंसी
सकारपार (सिद्धार्थनगर)। लखनऊ से 29 अगस्त को बीमार पति के साथ घर आ रही महिला के साथ एंबुलेंस में दुष्कर्म की कोशिश के मामले में दस दिन बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है। अब तक महिला और उसके भाई का बयान भी नहीं हो पाया है, क्योंकि मुकदमा लखनऊ के गाजीपुर कोतवाली में दर्ज है। न पीड़ित लखनऊ जा पा रही है, न अब तक गाजीपुर पुलिस ने ही पीड़िता के घर आकर बयान दर्ज करने की कोशिश की।
पीड़िता के घर में सोमवार को उसके पति के निधन के बाद दसवां दिन था। परिवार के लोगों के बाल बनने के कारण वे लखनऊ नहीं जा सके। पीड़ित महिला ने बताया कि गाजीपुर कोतवाली में उन्होंने तहरीर दी थी। एफआईआर दर्ज करके उसकी एक प्रति पीड़िता के भाई के व्हाट्सएप नंबर पर भेज दिया था। पुलिस ने एंबुलेंस ड्राइवर के सहयोगी अयोध्या के कुम्हारगंज निवासी ऋषभ सिंह को पांच सितंबर को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
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निषाद पार्टी वाले भी पहुंचे
सकारपार। निषाद पार्टी के प्रदेश सचिव दिवाकर निषाद के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को पीड़िता से मुलाकात की और न्याय की लड़ाई में उसकी मदद करने का भरोसा दिया। प्रदेश सचिव ने कहा कि वे पार्टी अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर पीड़ित परिवार को अधिक से अधिक मुआवजा दिलाने का प्रयास करेंगे। इस दौरान पार्टी की तरफ से भी पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी गई। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के जिलाध्यक्ष हरे राम निषाद, मंडल प्रभारी रामकुमार कश्यप, युवा जिला अध्यक्ष सुनील निषाद व अन्य शामिल रहे।
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