संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कांवड़ यात्रा के साथ धान की रोपाई का कार्य पूरा कर वापस दूसरे प्रदेश जाने वाले मजदूरों को ट्रेन के जनरल डिब्बों में आसानी से बैठने के लिए जगह नहीं मिल रही है। इससे यात्रियों को लोकल ट्रेन में अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि कई बार यात्री ट्रेन में जगह न मिलने से घर भी लौट जा रहे हैं।
सावन माह में देवघर जल चढ़ाने जाने वालों का तांता लगा है। इसी क्रम में देवघर से जल चढ़ाकर हजारों की संख्या में कांवड़िए वापस अपने घर भी आ रहे हैं।
इससे लखनऊ तक जाने वाली सभी ट्रेनों के जनरल डिब्बों में भीड़ बढ़ गई है। धान की रोपाई का कार्य पूरा करके वापस मुंबई, गुजरात, पंजाब कमाने जाने वाले प्रवासी मजदूरों को अब परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रेन के जनरल डिब्बों में काफी भीड़ होने से प्रवासी मजदूरों को खड़े होने की भी जगह नहीं मिल पा रही है। ऐसे में उनके साथ मौजूद बैग व अन्य वस्तुएं बोझ की तरह लग रही है। भीड़ बढ़ने से मजदूर अपने घर भी जा रहे हैं। शुक्रवार को मुंबई जाने के लिए घर आए प्रवासी मजदूर देवदर्शन, शंभु, भास्कर व ओमकार ने बताया कि मुंबई जाने के लिए पनवेल एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ने के लिए आए थे। इससे सफर आसान रहता है। लेकिन गोंडा, बलरामपुर, लखनऊ की तरफ से देवघर दर्शन करके आने वाले सैकड़ों श्रद्धालु ट्रेन के जनरल डिब्बे में बैठे थे। इससे भीड़ काफी बढ़ गई। भीड़ को देखते हुए स्लीपर कोच में टिकट का फाॅर्म भर कर घर चले आए। टिकट कन्फर्म होने पर ही मुंबई जाएंगे।