फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुशखबरी : नर्सिंग कॉलेज में इसी वर्ष से प्रवेश

विज्ञापन
शहर के सटे पुरानी नौगढ़ में निर्माणधीन नर्सिंग कॉलेज का भवन। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

सिद्धार्थनगर। जिले के लोगों को जल्द एक बड़ी सौगात मिलने वाली है। शहर के पुरानी नौगढ़ में 160 सीट के नर्सिंग कॉलेज के भवन का निर्माण कार्य तकरीबन पूरा हो गया है। जल्द ही इसमें नए सत्र से प्रवेश व पढ़ाई शुरू हो सकती है।
इसके चालू होने से जिले के छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा। 10 करोड़ की लागत से निर्मित हो रहे नर्सिंग कॉलेज में प्रतिवर्ष 40 छात्र-छात्राओं काे प्रवेश मिलेगा। नर्सिंग कॉलेज भवन में लेक्चर हॉल, हॉस्टल सहित अन्य कार्य समय से पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन

शहर के पुरानी नौगढ़ में 2024 से ही नर्सिंग कॉलेज के लिए भवन का निर्माण करवाया जा रहा है। इसके शुरू होने से नर्सिंग के छात्रों को भी जिले में ही पढ़ने के लिए कॉलेज मिलेगा।
इसमें सबसे अधिक फायदा बेटियों को होगा। उन्हें नर्सिंग की पढ़ाई करने के लिए दूसरे शहर नहीं जाना पड़ेगा। जबकि इससे पहले जिले में माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज बनने से एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले बच्चों को भी सहूलियत मिल रही है।
इसमें हर साल 100 सीटों पर दाखिल हो रहा है, लेकिन नर्सिंग की पढ़ाई के लिए जिले में कोई सरकारी कॉलेज नहीं था। प्रदेश सरकार की तरफ से नर्सिंग कॉलेज की सौगात दी गई है, जिससे यहां के बच्चे यहीं पर नर्सिंग की पढ़ाई कर सकें। 2021 में ही जिले में नर्सिंग कॉलेज को बनाने का प्रस्ताव पास हो गया था, लेकिन मेडिकल कॉलेज के आसपास जमीन तलाशने में तीन वर्ष बीत गए। कई बार आसपास के साथ ही फायर स्टेशन के पास की जमीन का भी प्रस्ताव भेजा गया था। इससे उसे फाइनल करके बजट भी पास कर दिया गया।
बजट मिलते ही नर्सिंग कॉलेज के निर्माण का कार्य शुरू हो गया। 2025 से ही प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी, लेकिन कार्य पूरा नहीं होने से भवन का निर्माण कार्य अधूरा रहा गया था। वर्तमान में हॉस्टल के चौथे फ्लोर की छत ढलाई को लेकर कार्य किया जा रहा है। ऐसे में प्रथम वर्ष में प्रवेश को लेकर जरूरी भवन का निर्माण कार्य व उसके सभी कार्यों को समय से करवाने का निर्देश दिया गया है, जिससे अगले सत्र प्रथम वर्ष में प्रवेश को लेकर भवन का अधूरा कार्य पूरा करवाया जा रहा है।
दूसरे शहरों में जाने के लिए विवश होते थे छात्र : नर्सिंग की पढ़ाई अधिकतर लड़कियां करती हैं। इसके लिए उन्हें लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर और दिल्ली जाना पड़ता है। बेटियों को इतनी दूर भेजने से परिवार के लोग कतराते हैं। इसलिए चाहते हुए बेटियां बाहर जाकर नहीं पढ़ पाती हैं। अब जिले में सरकारी नर्सिंग कॉलेज बनने से युवाओं से अधिक बेटियों को लाभ मिलेगा। इसका निर्माण कार्य पूर्ण होने और नए सत्र में कक्षाओं के संचालन शुरू होने की उम्मीद जताते हुए स्थानीय लोगों ने हर्ष व्यक्त किया है। ड़क की भी करवानी होगी मरम्मत : सिद्धार्थनगर। नौगढ़ से बर्डपुर तक जाने वाले मार्ग से बर्डपुर नंबर-14 के फायर स्टेशन के बगल में बनवाया जा रहा है। नर्सिंग कॉलेज तक जाने के लिए लगभग तीन सौ मीटर की इंटरलाॅकिंग सड़क है। जो वर्तमान समय में जर्जर अवस्था में है।
विज्ञापन

ऐसे में प्रतिदिन पढ़ाई करने के साथ अन्य कार्यों के लिए आने जाने में छात्र-छात्राओं को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में नर्सिंग कॉलेज में पढ़ाई शुरू होने से पहले सड़क की भी इंटरलाॅकिंग होना जरूरी है। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें