खुनुवां। नेपाल और भारत के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने और व्यावसायिक साझेदारी मजबूत करने के लिए 9 से 11 नवंबर तक नेपाल-भारत क्रॉस बॉर्डर टूरिज्म कनेक्ट-2026 का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय कार्यक्रम में भारत के विभिन्न शहरों से 21 पर्यटन व्यवसायी और प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस दौरान नेपाल के धार्मिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक और साहसिक पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार के साथ दोनों देशों के पर्यटन कारोबारियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।
गैरआवासीय नेपाली संघ (एनआरएनए) की अंतरराष्ट्रीय समन्वय परिषद और समृद्ध चितवन अभियान की ओर से आयोजित कार्यक्रम की थीम ‘सीमा जोड़ते हुए, मित्रता बढ़ाते हुए पर्यटन को बढ़ावा देना’ रखी गई है। कार्यक्रम के संयोजक एवं एनआरएनए अंतरराष्ट्रीय समन्वय परिषद के प्रवक्ता सोमनाथ सापकोटा ने बताया कि इसमें भारतीय पर्यटन व्यवसायियों की नेपाली पर्यटन कारोबारियों, होटल और रिसॉर्ट संचालकों के साथ प्रत्यक्ष मुलाकात होगी। इस दौरान पर्यटन पैकेज तैयार करने, व्यावसायिक साझेदारी विकसित करने और दोनों देशों के बीच पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
चार प्रमुख स्थलों को जोड़ने की योजना
सापकोटा के अनुसार, भारतीय पर्यटकों को नेपाल के धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक और वन्यजीव पर्यटन स्थलों से जोड़ने की व्यापक संभावनाएं हैं। इसके लिए भारतीय प्रतिनिधियों को प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराने के साथ वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। होटल और रिसॉर्ट संचालकों से मुलाकात कर पर्यटन कारोबार के नए अवसर तलाशे जाएंगे। आयोजकों की योजना लुंबिनी, रामग्राम, देवघाट, नवलपुर और चितवन को एक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की है। इसके तहत भरतपुर महानगरपालिका, कपिलवस्तु नगरपालिका, लुंबिनी सांस्कृतिक नगरपालिका, तिलोत्तमा नगरपालिका, देवदह नगरपालिका और रामग्राम नगरपालिका सहित विभिन्न क्षेत्रों को पर्यटन नेटवर्क से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि इस पहल से दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय पर्यटन सहयोग बढ़ेगा। साथ ही, पर्यटन व्यवसायियों को नए व्यावसायिक अवसर मिलेंगे और नेपाल के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक भारतीय पर्यटकों की पहुंच आसान बनाने में मदद मिलेगी।