ढेबरुआ थाना क्षेत्र के ग्राम हृदयनगर में स्थित भगवान राम के मंदिर से अष्टधातु की नौ मूर्तियां चोरी कर भागते हुए तीन तस्करों को पुलिस व एसएसबी की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा।
पुलिस लाइन में गुरुवार को बरामदगी का खुलासा करते हुए एसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मूर्तियों की कीमत करीब पांच करोड़ के आसपास आंकी जा रही है।
थाना क्षेत्र के ग्राम हृदयनगर में स्थित कुटी में पुराना मंदिर है। जिसमें अष्टधातु की अतिप्राचीन व बेशकीमती मूर्तियां स्थापित थीं। एसपी ने बताया कि पुलिस के एक सप्ताह पूर्व ही मंदिर से मूर्तियों के चोरी होने की योजना की भनक लग गई थी।
जिसके बाद पुलिस एलर्ट हो गई थी और मुखबिर की सूचना पर पता चला कि मूर्ति तस्कर 28 अक्टूबर को वारदात को अंजाम देंगे। नेपाल सीमा से सटा होने के कारण सूचना पर पुलिस ने एसएसबी को भी अपने साथ ले लिया।
शाम को पुलिस व एसएसबी की टीम ने सादे वर्दी में कुटी के आसपास घेराबंदी कर दी। रात में एक बजे के बाद तीन लोग कुटी के पास पहुंचे और लोहे की राड से मंदिर का ताला तोड़ा। एक शख्स मंदिर के बाहर निगरानी में लगा रहा जबकि दो शख्त मूर्तियों को उठाने के लिए भीतर गए। सारी मूर्तियां समेटने के बाद तीनों शख्स उत्तर दिशा की ओर भागने लगे ताकि नेपाल सीमा को पार कर जाएं।
सीमा पार कर पाते इससे पहले ही घात लगाकर बैठी पुलिस व एसएसबी ने उन्हें पकड़ लिया। पकड़ में आए मूर्ति तस्करों में भोला कुर्मी पुत्र गंगाराम निवासी ग्राम कल्लनडिहवा थाना ढेबरुआ जिला सिद्धार्थनगर, अजय उर्फ छोटू कन्नौजिया पुत्र संत भगवानदास निवासी ग्राम डुमरी थाना पचपेड़वा जिला बलरामपुर और जिशान शाह पुत्र लुकमान शाह निवासी झंडेनगर कृष्णानगर वार्ड पांच जिला कपिलवस्तु नेपाल का रहने वाला है।
एसपी ने बताया कि गिरफ्त में आया भोला का पुराना आपराधिक इतिहास भी है। वह ब्लू फिल्मों की सीडी के कारोबार में जेल गया था और पेशी के दौरान न्यायालय से भाग गया था।
इनके पास से चोरी की नौ मूर्तियों के साथ दो मोबाइल व ताला तोड़ने में प्रयुक्त राड भी बरामद किया गया है। मूर्ति तस्करों को रंगे हाथ पकड़ने वाली टीम में एसओ ढेबरुआ इंद्रजीत यादव, बढनी चौकी प्रभारी पीके सिंह, सिपाही विकास सिंह व दीपक गोविंद राव शामिल रहे।
वहीं एसएसबी की तरफ से 50 वीं बटालियन डी कंपनी बढनी के एसआई गोविंद लाल, एएसआई हम्मर राज सिंह, हेड कांस्टेबल ज्ञानचंद, कांस्टेबल विजय कुमार यादव, आलोक कुमार सिंह, गेंदालाल व विकास मौजूद रहे। बरामद अष्टधातु की मूर्तियां अतिप्राचीन लगती हैं और बेहद वजनी हैं।
इनमें राम, लक्ष्मण व सीता की मूर्तियां बड़े साइज की हैं। जबकि सूर्यदेव, शंकर व हनुमान की एक-एक मूर्ति व विष्णु की तीन मूर्तियां छोटे आकार की हैं। एसपी ने घटना के फौरन बाद ही मूर्तियों के साथ तस्करों को रगें हाथ पकड़ने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की।