सिद्धार्थनगर के उसका बाजार नगर स्थित पटाखे की दुकान में सोमवार को अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग की चपेट में आने से दुकान में मौजूद पटाखा व्यापारी के पुत्र की मौत हो गई।
हादसे में दुकानदार के एक अन्य पुत्र समेत दो युवक बुरी तरह झुलस गए। जिला अस्पताल पर प्रारंभिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने एक को गोरखपुर रेफर कर दिया। करीब पौन घंटे तक आग का कहर जारी रहा। इस दौरान पड़ोस में स्थित खेत में रखे गेहूं के बोझ भी जल गए। ग्रामीणों के अथक प्रयास से आग पर काबू पाया गया।
सिद्धार्थनगर नगर पालिका क्षेत्र से सटे सकतपुर सनई गांव निवासी समीउल्लाह उसका बाजार नगर के आबादी से बाहर स्थित महुआ टोले में पटाखे की दुकान चलाते हैं। इसी में पटाखा बनाने का भी काम होता है।
सोमवार की शाम करीब 4 बजे अचानक पटाखे की दुकान में आग लग गई। तेज धमाकों के साथ पटाखे दगने शुरू हुए तो लोग उस ओर दौड़े। चंद पलों में ही आग ने इस कदर दुकान को अपने आगोश में ले लिया कि अंदर मौजूद समीउल्लाह के पुत्र 16 वर्षीय शाहिद, 22 वर्षीय मोहम्मद जाहिद व कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के दरोगापुर भौराबारी गांव निवासी 22 वर्षीय सलमान को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
पटाखे दगने और इधर-उधर छिटकने के कारण लोग करीब जाने की हिम्मत नहीं कर सके। विस्फोट से दुकान के ऊपर लगा सीमेंटेड शेड भी उड़ गया। करीब पौन घंटे तक आग का कहर बना रहा। इस बीच दुकान के पास स्थित सीताराम गौड़ के खेत में रखा गेहूं के कई बोझ भी जल गए।
आग की लपटें तेजी से गोरखपुर-फरेंदा-नौगढ़ नेशनल हाइवे की ओर बढ़ रही थी। इससे मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही भी ठप हो गई। नगर पंचायत के वाटर टैंक व आस-पास के जलस्रोतों की बदौलत आग पर काबू पाया जा सका।
आग बुझने के बाद लोग अंदर पहुंचे तो वहां शाहिद का क्षत-विक्षत शव पड़ा हुआ था। जाहिद और सलमान बुरी तरह झुलसे थे। आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से डॉक्टरों ने जाहिद को गोरखपुर रेफर कर दिया। एसपी अजय कुमार साहनी, एएसपी मंशाराम गौतम, सीओ अकमल खां, एसओ सदर शिवाकांत मिश्र, योगेंद्र सिंह यादव आदि ने घटनास्थल का जायजा लिया।