सिद्धार्थनगर। सीबीआई टीम ने जिले में चौथे दिन गुरुवार को भी जांच का काम जारी रखा। आठ घाटों के नवीनीकरण व बाधित अवधि के फाइलों को देखा। कुछ फाइलों को साथ में लेकर भी टीम घूमती रही। टीम द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले शख्स से भी संपर्क किया गया और कई सवाल के जवाब को तलाश किया गया।
सूत्रों के मुताबिक हाईकोर्ट के निर्देश पर खनन पट्टों की जांच करने जिले में पहुंची दो सदस्यीय सीबीआई टीम ने अपनी जांच प्रक्रिया को रफ्तार दी है। टीम ने वर्ष 2008 में हुए कुल 18 घाटों के पट्टे की पत्रावलियों को खंगाला, लेकिन उसकी निगाह 8 घाट पर टिक गई है। सूत्रों की माने तो 31 मार्च 2012 के बाद के 8 घाटों की पत्रावलियों को खंगालना शुरू कर दिया है। इनमें 3 नवीनीकरण व 5 बाधित अवधि की पत्रावली है। 5 बाधित अवधि की फाइलों में से 3 को शासन स्तर से स्वीकृत प्रदान की गई थी। उसी दौरान सर्वोच्च न्यायालय से पारित खनन नीति के आदेश के अनुक्रम में शेष 2 घाटों को स्वीकृति नहीं मिली।
सूत्रों की माने तो सदर तहसील के बेलौहा, कपिया व शोहरतगढ़ के सेमरहना घाट की जांच की जा रही है। इसी प्रकार बाधित अवधि की फाइल, जिसमें शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के टीसम, खड़कुईया नानकार, रामनगर, बरगदवा व सदर तहसील के बर्रोइया खालसा घाट की फाइलों को भी सीबीआई टीम ने उठाया है। इनमें से बरगदवा व बर्रोइया खालसा घाट को स्वीकृति नहीं प्रदान की गई थी।