सिद्धार्थनगर/भनवापुर। कहासुनी में नशेड़ी पति ने पत्नी और बेटियों पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। जिसमें पत्नी और आठ साल की बेटी की इलाज के दौरान मौत हो गई। एक बेटी मेडिकल कॉलेज में मौत से जूझ रही है। आरोपी युवक की बहन डेढ़ साल के भतीजे को लेकर छिपते हुए पड़ोसी के घर चली गई। जिससे उसकी जान बच सकी। पड़ोसी की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
बौनाजोत गांव में यह घटना गुरुवार की भोर में हुई। बुधवार को मंगल गिरी (38) के घर सास फूलमती देवी बेटी मीना (35) और बच्चों को लेने आईं थीं। इस बात पर तीनों में काफी विवाद हुआ था। जिससे फूलमती अपने घर लौट गईं। इसी बात को लेकर गुरुवार भोर करीब 3.30 बजे मंगल ने पत्नी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। मां को बचाने गई बड़ी बेटी जानकी (8) और छोटी बेटी रोमा (6) को भी उसने घायल कर दिया। इस बीच मंगल की बहन रुबी (12) ने भाई का क्रूर रूप देख डेढ़ साल के भतीजे को छिपाते हुए खिड़की के रास्ते पड़ोसी श्रवण कुमार गिरी के यहां पहुंचकर जान बचाई। घटना की जानकारी मिलने पर श्रवण ने तत्काल 100 नंबर व बिजौरा चौकी पुलिस को सूचना दी। करीब 20 मिनट में चौकी प्रभारी विनय तिवारी टीम के साथ पहुुंचे और मंगल को हिरासत में लेकर तीनों को इलाज के लिए भनवापुर पीएचसी भेजा। गंभीर स्थिति देख डॉक्टरों ने तीनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया, वहां जानकी की मौत हो गई। मीना और रोमा को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, वहां पहुंचते ही मीना की भी मौत हो गई। जबकि बेटी रोमा मौत से जूझ रही है। जानकारी मिलने पर इटवा विधायक डॉ सतीश द्विवेदी मेडिकल कॉलेज पहुंचे और रोमा का हाल जाना। एसओ त्रिलोकपुर हरिनारायण दीक्षित ने बताया कि मंगल गिरी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है।
ऑटो चलाता था मंगल
मंगल गिरी की शादी इटवा क्षेत्र के पकड़ी शुक्ल गांव निवासी सुन्नर गिरी की बेटी मीना से 10 साल पूर्व हुई थी। परिवार का खर्च चलाने के लिए मंगल ने ऑटो खरीद लिया था और उसे चलाता था। पड़ोसियों का कहना है कि वह पिछले 15 दिनों से कुछ ज्यादा ही नशा करने लगा था। जिससे उसने 15 ऑटो चलाना ही बंद कर दिया था। इसे लेकर पति और पत्नी के बीच विवाद होता था।