सिद्धार्थनगर। एनएच-233 पर शहर से सटे करौंदा मसिना गांव के पास शनिवार दोपहर बाद एक बजे एसएसबी जवानों को खाना ले जाने वाले वाहन की चपेट में आने से एक बाइक सवार युवक की मौत हो गई। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने जवानों को दौड़ा लिया और कैंप के सामने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।
घटना की सूचना पर जोगिया पुलिस, एएसपी, तीन सीओ पांच थानों की फोर्स पहुंची लेकिन ग्रामीणों में बेहद आक्रोश था। गुस्साए लोग एसएसबी जवानों पर कार्रवाई व मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग पर अड़े थे। बाइक सवार युवक ने हेलमेट नहीं पहना था। करीब चार घंटे बाद सांसद जगदंबिका पाल मौके पर पहुंचे और आश्वासन दिया, तब भीड़ सड़क से हटी। जोगिया पुलिस ने एसएसबी के कांस्टेबल गोपाल प्रसाद मेवाड़ पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जोगिया कोतवाली क्षेत्र के जोगिया गांव निवासी कन्हैया जायसवाल (32) पुत्र रामचंद्र जायसवाल किराने की दुकान चलाते थे। शनिवार को वह अपनी बाइक से नौगढ़ से घर लौट रहे थे। अभी वह जोगिया कोतवाली क्षेत्र बांसी-नौगढ़ मार्ग एनएच-233 पर करौंदा मसिना गांव के पास एसएसबी कैंप के समीप पहुंचे ही थे कि दोपहर में खाना देने के लिए कैंप पर आ रहे एसएसबी के वाहन की चपेट में आ गए। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप था कि इलाज के लिए ले जाने के बजाय एसएसबी जवान गाड़ी लेकर भागने लगे। इससे आक्रोशित भीड़ कैंप की ओर बढ़ी तो कैंप में मौजूद जवान खेत के रास्ते भाग खड़े हुए। नाराज ग्रामीणों ने शव को सड़क के बीच में रखकर हाईवे पर जाम लगा दिया।
सूचना पर एसओ जोगिया दिनेश चंद्र चौधरी टीम के साथ मौके पर पहुुंचे मगर लोगों का गुस्से में थे। इसकी जानकारी एसपी को दी गई। इसके बाद एएसपी मुन्ना लाल सिंह, सीओ शोहरतगढ़ सुनील कुमार सिंह, सीओ बांसी नईम खान मंसूरी के अलावा एसओ चिल्हिया, एसओ सदर, एसओ शोहरतगढ़ व एसओ उसका भी मौके पर पहुंचे मगर आक्रोशित ग्रामीणों का कहना था कि जब तक मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा व एसएसबी जवान पर कार्रवाई नहीं होगी शव नहीं हटाएंगे। सूचना मिलने के बाद लगभग चार घंटे बाद मौके पर पहुंचे सांसद ने लोगों की मांगें पूरी होने का आश्वासन दिलाया तब जाकर भीड़ हटी और जाम खत्म हुआ।
चार बजे तक लगा रहा दो किमी जाम
दोपहर लगभग एक बजे हुए हादसे के बाद बांसी-नौगढ़ मार्ग पर लगभग चार घंटे जाम रहा। इससे करौंदा चौराहा और दूसरी ओर कटया गांव तक लगभग दो किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। वाहनों की आवाजाही बंद होने के कारण आम जनता के साथ स्कूली बच्चे भी परेशान रहे। चार घंटे बाद लगभग चार बजे जब जाम खत्म हुआ तब लोगों ने राहत की सांस ली।
खेत में भागते नजर आए जवान
हादसा होने के बाद जब भीड़ उग्र हुई तो एसएसबी के जवान कैंप छोड़ने को विवश हो गए। आक्रोशित भीड़ कहीं उन पर टूट न पड़े। इसलिए जवानों ने खेत के रास्ते भागकर अपनी जान बचाई।
कैंप हटाने की मांग की