सिद्धार्थनगर। काम के बाद टेंडर निकाले जाने के मामले की जांच कर रही टीम ने नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर से एक साल में निकाली गई निविदाओं की जानकारी मांगी है। वही दूसरी ओर आमरण अनशन पर बैठे सभासदों ने 11 बिंदुओं का शिकायती पत्र फिर से डीएम को सौंपा है।
आरोप लगाया है कि इस वर्ष केवल एक व्यक्ति का ठेकेदारी का पंजीयन किया गया। वह भी एक विशेष सभासद के दबाव में। इसके अलावा अधिकतर निविदा ऐसे अखबारों में प्रकाशित की गई, जिनका जिले में प्रचार-प्रसार न के बराबर है। सभासद अमित सिंह ने बताया है कि अब तक जितनी भी बोर्ड की बैठके हुई है, उसमें निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को नहीं बुलाया गया है। यह पदेन सदस्यों का अपमान है। अधिशाषी अधिकारी मुख्यालय पर न रहकर प्रतिदिन गोरखपुर से आते-जाते है। बिना निविदा कराए ही वाटर कूलर लगाया गया है, जो अनियमितता की श्रेणी में आता है। जांच अधिकारी अपर एसडीएम उमेश चंद निगम ने बताया कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मांगे गए है। इनमें एक साल में किस-किस अखबारों में निविदा निकाली गई। उसकी जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा कौन-कौन से नगर पालिका में काम हुए। बताया कि शुक्रवार को छठ घाट एप्रोच की जांच की जाएगी। जांच के बाद प्रशासन को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
एक गुट हो रहा नगर पालिका में हावी
सभासदों ने आरोप लगाया है कि नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर में एक गुट हावी हो रहा है। एक विशेष गुट के कहने पर सारे काम किए जा रहे है। इसमें एक मनबढ़ किस्म का व्यक्ति है, जो बिना किसी पद के अक्सर नगर पालिका कार्यालय में मौजूद रहता है। उसका साथ नगर पालिका के एक सभासद दे रहे हैं। इतना ही नहीं वह कई बार मीडिया कर्मियों के साथ बदसलूकी भी कर चुका है।