सिद्धार्थनगर। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में वीआईपी दीर्घा तक तख्ती लेकर महिला के पहुंचने के मामले की जांच शुरू हो गई है। महिला के तख्ती के साथ वीआईपी दीर्घा तक पहुंचने को सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है। एसपी ने एएसपी को इसकी जांच करने का निर्देश दिया है। लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई तय है।
बता दें कि सोमवार को जिला जेल के सामने स्थित मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वीआईपी दीर्घा के पास एक महिला दोनों हाथों में तख्ती लेकर सीएम को दिखाने लगी। मंच पर भाषण दे रहे सीएम का ध्यान उस ओर पहुंचा और उन्होंने महिला को अपने पास बुलाकर शिकायत सुनी। मामले में सीएम के निर्देश पर एसपी ने इटवा एसओ समेत चार पुलिस कर्मियों को निलंबित भी कर दिया। अब इसकी जांच शुरू की गई है कि चप्पे-चप्पे पर फोर्स और मजिस्ट्रेट की ड्यूटी होने के बाद महिला तख्ती लेकर प्रतिबंधित क्षेत्र तक कैसे पहुंची। वीआईपी दीर्घा में सिर्फ उन्हें ही प्रवेश था, जिन्हें पास जारी किया गया था। ऐसे में महिला कैसे पहुंची और उसके हाथों में तख्ती पर किसी की नजर न पड़ना, जिम्मेदारों के लिए पहेली है। लोगों का कहना है कि अगर तख्ती के जगह कुछ और होता तो जिम्मेदार कौन होता...। बहरहाल, इस संबंध में एसपी डॉ.धर्मबीर सिंह का कहना था कि एएसपी को प्रारंभिक जांच के लिए कहा गया है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई तय है।
लखनऊ जा रही थी महिला, ट्रेन से उतारा
सिद्धार्थनगर। एक दिन पहले मुख्यमंत्री से शिकायत दर्ज कराने वाली इटवा के विशुनपुरा गौरडीह गांव निवासी महिला गीता ने मंगलवार को फिर लखनऊ की राह पकड़ ली। बढ़नी स्टेशन पर पहुंचने के बाद उसने एसपी को फोन कर सूचना दी कि एसडीएम साहब उसकी नहीं सुन रहे। लिहाजा वह शिकायत लेकर सीएम के पास लखनऊ जा रही है। यह सुनते ही महकमे में खलबली मच गई। आनन-फानन में एसपी ने ढेबरुआ एसओ को मौके पर भेजा। महिला को आश्वस्त किया कि उसकी शिकायत का पूरा समाधान होगा। किसी तरह संतुष्ट कराने के बाद एसओ उसे पुलिस जीप में बैठाकर घर तक पहुंचाया।