जिला अस्पताल में बिलखते मृतक के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। जिला अस्पताल में सोमवार दोपहर तीन बजे वृद्ध मरीज की मौत से नाराज परिजन नाराज हो गए। उनका आरोप है कि चिकित्सकों की लापरवाही से मौत हुई है। गुस्साए लोग डीएम-एसपी के आने और कार्रवाई के बाद भी शव उठाने की जिद पर अड़े थे। सूचना पर पहुंचे एसओ सदर शमशेर सिंह के काफी मान मनौव्वल के बाद गुस्साए लोग माने शव को ले गए। हंगामा के कारण अस्पताल में तीन घंटे तक अफरातफरी मची रही।
बांसी कोतवाली क्षेत्र के रामनगर मोहल्ला निवासी मो. हुसैन (60) की सोमवार को तबियत खराब हो गई। परिजन उन्हें बांसी के एक अस्पताल मेेें ले गए। यहां से डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक दोपहर 12 बजे वह मो. हुसैन को लेकर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे। यहां देखते ही डॉक्टरों ने बताया कि मरीज के शरीर में खून की कमी है और ब्लड की व्यवस्था की जाए। आरोप है कि हालत गंभीर होने के बाद भी डॉक्टरों ने देखने की जहमत नहीं उठाई और जमीन पर लिटा दिया। वहीं से ब्लड जांच के लिए भेजा गया। ब्लड का भी इंतजाम हो गया। मगर जब गए तो डॉक्टरों द्वारा ब्लड गर्म होने के बाद चढ़ने की बात कही। तब तक लगभग तीन घंटे बीत चुके थे और हालत और बिगड़ चुकी थी।
कहने के बाद जब डॉक्टर ने ऑक्सीजन लगाई तो मो. हुसैन की मौत हो चुकी थी। इसके बाद परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। मृतक के छोटे भाई मुस्तकीम के अनुसार, डॉक्टर ने लापरवाही से भाई की मौत हुई है। जब तक लापरवाही करने वाले चिकित्सक पर कार्रवाई नहीं होगी लाश नहीं उठाएंगे। वहीं मौके की नजाकत देखते हुए डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी केबिन छोड़कर निकल गए थे। एसओ सदर शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि समझा- बुझाकर परिजनों को घर भेजा दिया गया है। कोई बवाल की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। अभी तक किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है।
जिला अस्पताल में आने वाले हर मरीज का इलाज किया जाता है। जिस मरीज के मरने के पीछे लापरवाही की बात कही जा रही है। वह काफी गंभीर था। यह आरोप गलत है कि इलाज नहीं किया जा रहा था। मरीज के आने के बाद से ही डॉक्टर इलाज में जुटे थे।
डॉ. रोचस्मती पांडेय, सीएमएस जिला अस्पताल